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बुध-राहु नवम भाव में: धर्म, यात्रा और संतान पर प्रभाव

बुध और राहु का नवम भाव में होना व्यक्ति को धार्मिक और यात्रा प्रेमी बना सकता है, लेकिन संतान और धन संबंधी चुनौतियां भी ला सकता है।

मंगल-राहु नौवें भाव में: भाईचारा, लंबी उम्र और पिता को कष्ट

मंगल और राहु की नौवें भाव में युति आपके भाइयों से संबंध, लंबी उम्र और धन-दौलत पर असर डालती है, लेकिन पिता को कष्ट और बदनामी भी दे सकती है।

मंगल-केतु नौवें भाव में: तरक्की, संतान और उपाय

नौवें भाव में मंगल और केतु की युति आपके करियर, संतान और भाग्य को कैसे प्रभावित करती है? जानिए शुभ-अशुभ प्रभाव और उनके सरल उपाय।

बृहस्पति-सूर्य नौवें भाव में: धन, भाग्य और परोपकार

बृहस्पति और सूर्य का नौवें भाव में होना धन, खुशी और सम्मान लाता है। आप परोपकारी होते हैं और मेहनत से अपना भाग्य चमकाते हैं।

बृहस्पति-शनि नौवें भाव में: धन, संतान और भाग्य पर प्रभाव

बृहस्पति और शनि की नौवें भाव में युति आपके धन, संतान, और भाग्य को कैसे प्रभावित करती है। जानिए इसके अच्छे और बुरे प्रभाव।

बृहस्पति-राहु नौवें भाव में: धार्मिकता, भाग्य और संतान सुख

बृहस्पति और राहु की नवें भाव में युति व्यक्ति को धार्मिक, भाग्यशाली और संतान सुख प्रदान करती है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

बृहस्पति-चंद्रमा नौवें भाव में: धन, शांति और धार्मिक यात्राएँ

बृहस्पति और चंद्रमा नौवें भाव में धन की वापसी, आंतरिक शांति और धार्मिक यात्राओं के अच्छे परिणाम देते हैं।

बृहस्पति-मंगल नौवें भाव में: पारिवारिक संबंध और भाग्य

बृहस्पति और मंगल का नौवें भाव में होना पारिवारिक संबंधों और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है, साथ ही भाग्य और संतान पर भी असर डालता है।

बृहस्पति-केतु नौवें भाव में: आध्यात्मिक प्रगति और पारिवारिक सुख

बृहस्पति और केतु की नौवें भाव में युति व्यक्ति को आध्यात्मिक बनाती है, उसे प्रसिद्धि और पारिवारिक सुख देती है, लेकिन संतान और पिता से संबंधित चुनौतियां भी आ सकती हैं।

शुक्र-शनि आठवें भाव में: वैवाहिक जीवन, स्वास्थ्य और व्यापार

आठवें भाव में शुक्र और शनि का योग वैवाहिक जीवन में चुनौतियां, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और व्यापार में उतार-चढ़ाव ला सकता है।

शुक्र-मंगल आठवें भाव में: सम्मान, शक्ति और परिवार की परेशानियाँ

आठवें भाव में शुक्र और मंगल आपको सम्मानित और मज़बूत बनाते हैं, लेकिन परिवार को बुनियादी चीज़ों की कमी हो सकती है।

सूर्य-शुक्र आठवें भाव में: लंबी उम्र और गुप्त ज्ञान

जानिए आठवें भाव में सूर्य और शुक्र की युति आपके जीवन पर क्या असर डालती है, खासकर लंबी उम्र, धन और गुप्त विद्याओं के संबंध में।

सूर्य-शनि आठवें भाव में: व्यापार में लाभ और लंबी उम्र

सूर्य और शनि के आठवें भाव में होने से व्यापार में लाभ, लंबी उम्र और ससुराल से फायदे मिल सकते हैं, लेकिन अवैध संबंध और मुकदमेबाजी से बचें.

सूर्य-राहु आठवें भाव में: ससुराल से लाभ और लंबी आयु

आठवें भाव में सूर्य और राहु की युति आपको ससुराल से धन और समाज में सम्मान दिला सकती है, साथ ही लंबी आयु भी प्रदान कर सकती है।

सूर्य-चंद्रमा आठवें भाव में: लंबी उम्र और ससुराल से लाभ

सूर्य और चंद्रमा के आठवें भाव में होने से व्यक्ति को लंबी उम्र मिलती है और ससुराल पक्ष से लाभ होता है, लेकिन सरकारी कामों और विरासत में नुकसान हो सकता है।