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मंगल-बुध नौवें भाव में: भाग्य, सम्मान और पारिवारिक संबंध

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अच्छे और बुरे प्रभाव इन दो ग्रहों (9वें भाव) के मिले-जुले होते हैं, जैसे:

  • बुध यहाँ बहुत शुभ होता है और इसकी शक्ति से बाकी सभी ग्रहों को गति मिलती है (चलने की ताकत मिलती है).
  • आप अपने परिवार की अच्छी सेवा कर सकते हैं; यात्राओं से आपको फायदा हो सकता है; धार्मिक कामों में आपकी रुचि हो सकती है; आपको कोई बड़ा पद मिल सकता है.
  • आपको संगीत या ज्योतिष में रुचि हो सकती है; आप अपने पिता की देखभाल और सेवा कर सकते हैं; आप अपने भाइयों के साथ मिलकर रह सकते हैं.
  • आप स्वाभिमानी (खुद की इज़्ज़त करने वाले) और संघर्षों (लड़ाइयों) में जीतने वाले हो सकते हैं; आप अपनी किस्मत खुद बनाने वाले हो सकते हैं.
  • आप सभी सुख-सुविधाओं का आनंद ले सकते हैं और आपकी उम्र लंबी हो सकती है.

बुरे प्रभाव हो सकते हैं:

  • घर में खराब इलेक्ट्रॉनिक्स, संगीत या दूसरे उपकरण न रखें; ताबीज (जादुई चीज़ें) या अन्य टोटके भी न रखें; सरकार से आपको नुकसान हो सकता है.
  • आप अपना वादा पूरा नहीं कर सकते हैं; आपको शर्म नहीं आ सकती है; आप एहसानफरामोश (किसी का एहसान न मानने वाले) हो सकते हैं; जन्म से ही आपको बोलने में हकलाने या तुतलाने की समस्या हो सकती है.
  • आप दूसरों के अधीन (नीचे) रहकर गुजारा कर सकते हैं; आपको अपने जीवनसाथी की भलाई की चिंता हो सकती है; आप अपनी संतान (बच्चों) से दुखी हो सकते हैं.
  • आपकी और आपकी बेटी, बहन, भाभी, बुआ (महिलाओं) की किस्मत खराब हो सकती है (वे विधवा भी हो सकती हैं); आपको अपनी बेटी या किसी और लड़की से अपमान (बेइज़्ज़ती) सहना पड़ सकता है; आपकी किस्मत बहुत खराब हो सकती है.
  • आपको छोटे लोगों से भीख मांगनी पड़ सकती है; आप निंदा (बुराई) कर सकते हैं, बदनाम हो सकते हैं; आपको गुस्सा आ सकता है; आपके पिता को बहुत दुख हो सकता है.
  • सब कुछ होने के बावजूद आप रो सकते हैं; आपको समाज में अपमानित (बेइज़्ज़त) किया जा सकता है.
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