बृहस्पति-सूर्य नौवें भाव में: धन, भाग्य और परोपकार
शुभ बिंदु:
- इस योग का सबसे खास बिंदु धन, पैसा और खुशी की अच्छी स्थिति है।
- अक्सर आपको अपनी दौलत या जायदाद के लिए सरकारी (सत्ताधारी) लोगों से सम्मान मिलता है। आप अपने साधनों (संसाधनों) का इस्तेमाल भलाई और धार्मिक कामों के लिए कर सकते हैं।
- आप अपनी मेहनत से अपनी किस्मत चमका सकते हैं।
- हालांकि किस्मत में उतार-चढ़ाव आ सकता है, लेकिन आप स्थिर रहते हैं और समाज की भलाई के लिए काम करते रहते हैं।
अशुभ प्रभाव: यहाँ अलग-अलग ग्रहों के प्रभावों का मिला-जुला असर होता है, जो एक-दूसरे को मजबूत करते हैं:
- गरीबी आ सकती है और आपकी नेक सोच को थोड़ा बदल सकती है।
- इसके बावजूद, ज्यादा लालच आपको अपने रास्ते से भटका नहीं सकता है।
- पिता के साथ-साथ बच्चों से भी नकारात्मक (बुरा) असर मिल सकता है। ससुराल वालों को भी नुकसान हो सकता है।
- आप दूसरों के पैसे से अपनी इच्छाओं (ऐश-मौज) का खुलकर आनंद लेना चाहते हैं।
- पिता के लिए अशुभ (बुरा) हो सकता है। ससुराल वालों के लिए भी बुरा हो सकता है। बाहर की यात्राओं से परेशानी और पैसों का नुकसान हो सकता है।