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मंगल · 149

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चंद्रमा-मंगल नौवें भाव में: धन, संतान और अचानक मृत्यु

नौवें भाव में चंद्रमा और मंगल का मेल आपको अमीर और शक्तिशाली बना सकता है। आपकी संतानें भी सुखी रहेंगी, लेकिन अचानक मृत्यु का खतरा भी है।

शुक्र-मंगल सातवें भाव में: वंश वृद्धि और धन लाभ

सातवें भाव में शुक्र और मंगल की युति से वंश वृद्धि होती है और धन लाभ मिलता है। हालांकि, यह युति कुछ संघर्ष और स्वास्थ्य समस्याएं भी दे सकती है।

बृहस्पति-शुक्र-सूर्य-मंगल की युति: मूक-बहरापन योग और उपाय

कुंडली में बृहस्पति, शुक्र, सूर्य और मंगल की कुछ खास स्थितियों से बोलने-सुनने में दिक्कत हो सकती है। जानें इसके उपाय।

सूर्य-बुध की युति: नीच मंगल के प्रभावों को बदलें

जब मंगल और सूर्य दोनों नीच के हों, तो सूर्य और बुध की युति मंगल के नकारात्मक प्रभावों को सकारात्मक में बदल सकती है, बशर्ते शुक्र अच्छी स्थिति में हो।

दो ग्रहों के मिलने से होने वाले रोग: स्वास्थ्य समस्याएं और उपाय

लाल किताब के अनुसार, दो ग्रहों की युति से होने वाले विभिन्न रोगों और उनके ज्योतिषीय उपायों के बारे में जानें।

मंगल बारहवें भाव में: संघर्ष में जीत और परिवार का मुखिया

मंगल के बारहवें भाव में होने से आप परिवार के मुखिया बन सकते हैं और संघर्षों में जीत हासिल कर सकते हैं, लेकिन बड़े भाई को खतरा और वैवाहिक जीवन में बाधाएं आ सकती हैं।

मंगल ग्यारहवें भाव में: धन, सफलता और शत्रुओं पर विजय

मंगल के ग्यारहवें भाव में होने से व्यक्ति धनवान, सफल और शत्रुओं पर विजयी होता है, लेकिन कर्ज और पारिवारिक विवादों का सामना भी करना पड़ सकता है।

मंगल दसवें भाव में: धन, तरक्की और सामाजिक सहयोग

मंगल का दसवें भाव में होना परिवार में धन और तरक्की लाता है। यह आपको सेना में उच्च पद और सामाजिक मामलों में सहयोग दे सकता है।

मंगल सातवें भाव में: परिवार, धन और वैवाहिक जीवन

मंगल का सातवें भाव में होना आपको परिवार का पालन-पोषण करने वाला, धनी और न्यायप्रिय बनाता है। हालांकि, यह वैवाहिक जीवन में चुनौतियां और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी दे सकता है।

मंगल छठे भाव में: बच्चे, स्वास्थ्य और भाई से संबंध

छठे भाव में मंगल का प्रभाव शादी के बाद तरक्की दे सकता है, लेकिन बच्चों में देरी और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी हो सकती हैं।

मंगल पांचवें भाव में: संतान, स्वास्थ्य और धन पर प्रभाव

जानें मंगल का पांचवें भाव में होना आपकी संतान, स्वास्थ्य, धन और पारिवारिक जीवन को कैसे प्रभावित करता है। इसके शुभ-अशुभ प्रभाव और लाल किताब के उपाय।

मंगल तीसरे भाव में: भाई-बहन, वैवाहिक सुख और शत्रु पर विजय

मंगल के तीसरे भाव में होने से भाई-बहन का सुख मिलता है, शादी के बाद भाग्य चमकता है और आप शत्रुओं पर विजय प्राप्त करते हैं।

मंगल दूसरे भाव में: भाई-बहन, शिक्षा और धन पर प्रभाव

मंगल का दूसरे भाव में होना आपके भाई-बहनों, शिक्षा, और धन को कैसे प्रभावित करता है, और इसके शुभ-अशुभ प्रभाव क्या हैं, जानें।