बृहस्पति-शुक्र-सूर्य-मंगल की युति: मूक-बहरापन योग और उपाय
कुंडली में बृहस्पति, शुक्र, सूर्य और मंगल की कुछ खास स्थितियों से बोलने-सुनने में दिक्कत हो सकती है। जानें इसके उपाय।
कुंडली में बृहस्पति, शुक्र, सूर्य और मंगल की कुछ खास स्थितियों से बोलने-सुनने में दिक्कत हो सकती है। जानें इसके उपाय।
लाल किताब के अनुसार, दो ग्रहों की युति से होने वाले विभिन्न रोगों और उनके ज्योतिषीय उपायों के बारे में जानें।
जानें कौन सा ग्रह कौन सी बीमारी देता है और लाल किताब के आसान उपायों से कैसे इन बीमारियों से छुटकारा पाएं.
बारहवें भाव में राहु आपको अच्छी नींद, धन और गुप्त ज्ञान दे सकता है, लेकिन मानसिक परेशानी और कानूनी मुद्दों से सावधान रहें.
जानें राहु के ग्यारहवें भाव में होने पर आपको धन, संतान और सफलता कैसे मिल सकती है, साथ ही बुरे प्रभावों से बचने के उपाय भी।
राहु के दसवें भाव में होने से पिता के लिए मिले-जुले परिणाम मिल सकते हैं, साथ ही मान-सम्मान और धन लाभ भी हो सकता है।
जानिए राहु के नौवें भाव में होने पर संतान, यात्रा, धर्म और परिवार पर क्या प्रभाव पड़ते हैं, अच्छे और बुरे दोनों।
आठवें भाव में राहु भाग्य में बदलाव ला सकता है, लेकिन 28-42 वर्ष की आयु में भाग्य चमक सकता है। ससुराल पक्ष से लाभ और 34 से पहले विवाह संभव है।
राहु के सातवें भाव में होने से आपको खूब धन और संपत्ति मिल सकती है, लेकिन परिवार और ससुराल वालों की चिंताएं भी बढ़ सकती हैं।
छठे भाव में राहु आपको शत्रुओं पर विजय दिलाता है और लंबी आयु देता है। लेकिन आपको अपने चाचा या बच्चों से परेशानी हो सकती है।
पांचवें भाव में राहु व्यापार में सफलता और धन लाभ देता है, लेकिन संतान और विवाह में देरी या स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं पैदा कर सकता है।
जानिए राहु के चौथे भाव में होने से क्या अच्छे और बुरे परिणाम मिल सकते हैं, और उनसे निपटने के लिए क्या उपाय करें।
तीसरे भाव में राहु आपको निरंतर प्रगति, धन और संपत्ति प्रदान करता है, लेकिन संतान सुख में बाधाएं आ सकती हैं।
जानिए राहु के दूसरे भाव में होने से धन, परिवार और भाग्य पर क्या असर होता है, और इसके अच्छे-बुरे प्रभाव व उपाय क्या हैं.
शनि और राहु की युति का आपके पारिवारिक जीवन और संतान प्राप्ति पर क्या असर होता है, यह जानें।
बुध और राहु की युति वैवाहिक जीवन में विवाद और धन संबंधी मामलों को प्रभावित कर सकती है।
मंगल-राहु की युति से अंतरजातीय विवाह और जीवनसाथी से मतभेद हो सकते हैं। बुरे प्रभावों से बचने के लिए रसोई में भोजन करें।
शुक्र और राहु का बारहवें भाव में होना जीवनसाथी, स्वास्थ्य और धन को प्रभावित कर सकता है। जानें इसके अच्छे-बुरे परिणाम और उपाय।
बारहवें भाव में सूर्य और राहु की युति धन, बड़े परिवार के लिए शुभता और विदेश यात्रा में लाभ ला सकती है।
बारहवें भाव में शनि और राहु की युति आपको धनवान बना सकती है और विदेश यात्राओं से लाभ दिला सकती है, लेकिन संतान संबंधी चिंताएं भी दे सकती है।