सूर्य-चंद्रमा आठवें भाव में: लंबी उम्र और ससुराल से लाभ
अच्छाई वाले बिंदु: एक आदमी के लिए: - वह बंजर जगहों को भी हरा-भरा करना चाहता है (यानी, मुश्किल हालात में भी तरक्की करता है); अपने बड़े भाई से लाभ मिलता है; ससुराल वालों से फायदा होता है। - समाज में मान-सम्मान मिलता है; व्यापार के साझीदार से लाभ होता है; लंबी उम्र होती है। - उसे अपनों से बिछड़ने का दुख नहीं सहना पड़ता; वह तपस्या करता है और रहस्यमयी (गुढ़) विद्याएं जानता है। - अपने माता-पिता की सेवा करता है; पवित्र तीर्थों पर जाना पसंद करता है; उसे अच्छी विरासत मिलती है। - ससुराल वालों और ननिहाल पक्ष के लिए अच्छा होता है; उसकी किस्मत जीवनसाथी के परिवार से चमकती है। बुराई वाले बिंदु: - सरकारी विभागों से नुकसान हो सकता है। - 8 साल की उम्र तक खुद के लिए और माँ के लिए अशुभ (खतरनाक) हो सकता है (जैसे गिरना, सर्दी की बीमारियाँ, डूबना आदि)। - पुश्तैनी (पुरखों की) दौलत बर्बाद करने की आदत हो सकती है। - महिलाओं से जुड़े या खेती-बाड़ी के कामों में नुकसान हो सकता है। - जुए या गहनों से जुड़े कामों में नकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। - बदचलनी (गलत संबंध) परिवार और धन को बर्बाद कर सकती है। - मुकदमों (केस) में नुकसान हो सकता है। - चोरी करने की आदत हो सकती है। - जीवनसाथी की उम्र कम हो सकती है या उनके बीच आपसी दुश्मनी हो सकती है। - यौन संबंधी कमजोरी हो सकती है। - आँखों या देखने से जुड़ी समस्याएँ हो सकती हैं। - घर का प्रवेश द्वार दक्षिण दिशा में हो सकता है, जो अशुभ माना जाता है।