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चंद्रमा · 146

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चंद्रमा-मंगल नौवें भाव में: धन, संतान और अचानक मृत्यु

नौवें भाव में चंद्रमा और मंगल का मेल आपको अमीर और शक्तिशाली बना सकता है। आपकी संतानें भी सुखी रहेंगी, लेकिन अचानक मृत्यु का खतरा भी है।

दो ग्रहों के मिलने से होने वाले रोग: स्वास्थ्य समस्याएं और उपाय

लाल किताब के अनुसार, दो ग्रहों की युति से होने वाले विभिन्न रोगों और उनके ज्योतिषीय उपायों के बारे में जानें।

सूर्य-चंद्रमा-शुक्र-बुध की युति: बीमारियाँ और उपाय

लगातार बीमारियाँ परेशान कर रही हैं? जानें सूर्य, चंद्रमा, शुक्र और बुध की युति से होने वाली बीमारियों और उनके लाल किताब उपाय।

सूर्य-चंद्रमा के साथ शुक्र-बुध या पापी ग्रह: स्वास्थ्य पर प्रभाव

जानें कैसे सूर्य-चंद्रमा के साथ शुक्र, बुध या पापी ग्रहों की युति और वर्षफल में उनकी स्थिति आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।

चंद्रमा बारहवें भाव में: विदेश से लाभ और रहस्यमय ज्ञान

चंद्रमा के बारहवें भाव में होने से आपको विदेश से लाभ मिल सकता है और रहस्यमयी विद्याओं में रुचि हो सकती है।

चंद्रमा ग्यारहवें भाव में: संतान और शिक्षा पर प्रभाव

जानें चंद्रमा के ग्यारहवें भाव में होने से संतान, शिक्षा और व्यवसाय पर क्या असर पड़ता है। साथ ही, अशुभ प्रभावों से बचने के उपाय और सावधानियां।

चंद्रमा नौवें भाव में: ईमानदारी, संपत्ति और यात्रा

चंद्रमा नौवें भाव में व्यक्ति को ईमानदार, सम्मानित और संपत्तिवान बनाता है। ऐसे लोग धार्मिक यात्राएं कर सकते हैं और समाज सेवा में रुचि रखते हैं।

चंद्रमा आठवें भाव में: दीर्घायु और भाग्य का निर्माण

चंद्रमा के आठवें भाव में होने से व्यक्ति दीर्घायु होता है और स्वयं अपना भाग्य बनाता है। माता-पिता का सम्मान और पत्नी के साथ मधुर संबंध शुभ फल देते हैं।

चंद्रमा सातवें भाव में: धन, शुभ पत्नी और विदेश यात्रा

जानें कैसे चंद्रमा का सातवें भाव में होना आपको धन, एक अच्छी पत्नी और विदेश यात्रा के अवसर दे सकता है। अशुभ प्रभावों और उनके सरल उपायों के बारे में भी पढ़ें।

चंद्रमा छठे भाव में: स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन

छठे भाव में चंद्रमा के शुभ-अशुभ प्रभाव जानें। यह स्थिति स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और रिश्तों को कैसे प्रभावित करती है, और इसके उपाय क्या हैं।

चंद्रमा पांचवें भाव में: संतान, खुशी और लंबी आयु

जानें चंद्रमा के पांचवें भाव में होने पर संतान, खुशी और लंबी आयु पर क्या प्रभाव पड़ता है, साथ ही शुभ-अशुभ संकेत और उपाय भी।

चंद्रमा चौथे भाव में: पैतृक व्यापार और माँ से संबंध

चंद्रमा के चौथे भाव में होने से आपको पैतृक व्यापार और माँ से लाभ मिल सकता है, लेकिन कुछ स्थितियों में माँ से संबंध खराब हो सकते हैं।

चंद्रमा तीसरे भाव में: मान-सम्मान और लंबी आयु

तीसरे भाव में चंद्रमा आपको बुद्धिमान, सम्मानित और लंबी आयु वाला बनाता है। यात्राओं से लाभ और भाई-बहनों से प्यार मिलता है, लेकिन कुछ सावधानियां भी ज़रूरी हैं।

चंद्रमा दूसरे भाव में: संतान, धन और प्रसिद्धि

दूसरे भाव में चंद्रमा का प्रभाव आपकी संतान, धन-संपत्ति और सामाजिक प्रसिद्धि को प्रभावित करता है। यह आपको मीठा बोलने वाला और सफेद वस्तुओं के व्यापार में सफल बना सकता है।

चंद्रमा पहले भाव में: ज्ञान, माता और संतान

पहले भाव में चंद्रमा वाले जातक बुद्धिमान होते हैं और अपनी माता के प्रति समर्पित रहते हैं। उन्हें संतान संबंधी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

सूर्य-चंद्रमा बारहवें भाव में: विदेश से लाभ और गूढ़ विषयों में रुचि

बारहवें भाव में सूर्य और चंद्रमा की युति आपको विदेश से लाभ और गूढ़ विषयों में रुचि दे सकती है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी ला सकती है।