शुक्र-केतु आठवें भाव में: मिले-जुले प्रभाव और उपाय
यहां भी दो ग्रहों के अच्छे और बुरे प्रभाव इस तरह से मिलते हैं:
यहां भी दो ग्रहों के अच्छे और बुरे प्रभाव इस तरह से मिलते हैं:
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जब मंगल और सूर्य दोनों नीच के हों, तो सूर्य और बुध की युति मंगल के नकारात्मक प्रभावों को सकारात्मक में बदल सकती है, बशर्ते शुक्र अच्छी स्थिति में हो।
मंगल और केतु का आठवें भाव में एक साथ होना शुभ माना जाता है, जो जीवन में सकारात्मक परिणाम दे सकता है।
बृहस्पति और चंद्रमा के छठे भाव में होने पर, बुध और केतु की स्थिति आपके जीवन पर अच्छे और बुरे प्रभाव डालती है। पानी के दान से बचें, लेकिन श्मशान घाट में पानी उपलब्ध कराना शुभ फल देगा।
34 साल के बाद आराम, शिक्षा और धन मिलता है। सरकारी अफ़सर बन सकते हैं और ससुराल से लाभ होता है।
शुक्र और राहु का आठवें भाव में होना एक सामान्य स्थिति है, जिसके परिणाम अन्य ग्रहों की दृष्टि पर निर्भर करते हैं।
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