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बृहस्पति-केतु नौवें भाव में: आध्यात्मिक प्रगति और पारिवारिक सुख

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अच्छे पहलू:

  • अच्छी तरक्की होगी, कम बदलाव आएंगे; आप पिता का कहना मानेंगे; आप एक बड़े अधिकारी बन सकते हैं.
  • आप विदेश यात्रा कर सकते हैं; आपकी प्रेरणा से कमजोर व्यक्ति में भी जान आ सकती है और वह परिवार समेत सभी तरह से आत्मनिर्भर हो सकता है; आपको शादी के 7 साल बाद संतान हो सकती है (अगर तीसरे भाव में शत्रु ग्रह हो).
  • आपकी जांघ पर शहद के रंग का तिल हो सकता है.
  • आप एक त्यागी शासक हो सकते हैं; आपका मन भोग-विलास और योग के बीच बदलता रह सकता है; आपको गहनों के काम से फायदा हो सकता है; आप धार्मिक विचारों वाले, आध्यात्मिक (रूहानी) और एक उपदेशक (प्रचारक) हो सकते हैं; आपका परिवार खुशहाल हो सकता है.
  • आपको अच्छी प्रसिद्धि (शोहरत) और सम्मान मिल सकता है; लेखन या प्रकाशन के कामों से आपको प्रसिद्धि और तरक्की मिल सकती है.

बुरे पहलू:

  • आप गरीब हो सकते हैं, आपके विचार पक्के नहीं हो सकते; हालांकि आप में कोई लालच नहीं होगा; आप अपनी संतान से दुखी रह सकते हैं; आप पिता के खिलाफ हो सकते हैं, उनसे झगड़ा कर सकते हैं; आप ससुराल पक्ष को नुकसान पहुंचा सकते हैं; आप भाग्यहीन (बदकिस्मत) हो सकते हैं; आपकी माँ के परिवार के लिए यह अच्छा नहीं हो सकता और आपके कारण आपके मामा दुखी हो सकते हैं.
  • आप पैसे के लिए ठगी और चोरी भी कर सकते हैं, लेकिन आप दुखी और हमेशा अभावग्रस्त (कमी में) रह सकते हैं.
  • आप बुरी संगत में पड़ सकते हैं और लंबे समय तक किसी और महिला के साथ भी रह सकते हैं.
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