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सूर्य · 159

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सूर्य-केतु नौवें भाव में: करियर में तरक्की और धार्मिक गतिविधियां

नौवें भाव में सूर्य और केतु की युति करियर में तरक्की, धार्मिक गतिविधियों में भागीदारी और लंबी उम्र देती है।

बृहस्पति-सूर्य नौवें भाव में: धन, भाग्य और परोपकार

बृहस्पति और सूर्य का नौवें भाव में होना धन, खुशी और सम्मान लाता है। आप परोपकारी होते हैं और मेहनत से अपना भाग्य चमकाते हैं।

सूर्य-शुक्र आठवें भाव में: लंबी उम्र और गुप्त ज्ञान

जानिए आठवें भाव में सूर्य और शुक्र की युति आपके जीवन पर क्या असर डालती है, खासकर लंबी उम्र, धन और गुप्त विद्याओं के संबंध में।

सूर्य-शनि आठवें भाव में: व्यापार में लाभ और लंबी उम्र

सूर्य और शनि के आठवें भाव में होने से व्यापार में लाभ, लंबी उम्र और ससुराल से फायदे मिल सकते हैं, लेकिन अवैध संबंध और मुकदमेबाजी से बचें.

सूर्य-राहु आठवें भाव में: ससुराल से लाभ और लंबी आयु

आठवें भाव में सूर्य और राहु की युति आपको ससुराल से धन और समाज में सम्मान दिला सकती है, साथ ही लंबी आयु भी प्रदान कर सकती है।

सूर्य-चंद्रमा आठवें भाव में: लंबी उम्र और ससुराल से लाभ

सूर्य और चंद्रमा के आठवें भाव में होने से व्यक्ति को लंबी उम्र मिलती है और ससुराल पक्ष से लाभ होता है, लेकिन सरकारी कामों और विरासत में नुकसान हो सकता है।

सूर्य-मंगल आठवें भाव में: बहादुरी, लंबी उम्र और गुप्त विद्या का ज्ञान

सूर्य और मंगल का आठवें भाव में होना आपको बहादुर, मेहनती और स्वस्थ बनाता है. आपको ससुराल से धन लाभ हो सकता है और आपकी उम्र लंबी होती है.

सूर्य-केतु आठवें भाव में: संतान, धन और लंबी आयु

सूर्य और केतु के आठवें भाव में होने से संतान शक्तिशाली, धन की प्राप्ति और लंबी आयु मिल सकती है। हालांकि, अनैतिक संबंध और स्वास्थ्य समस्याएं भी संभव हैं।

बृहस्पति-सूर्य आठवें भाव में: धन, लंबी आयु और मान-सम्मान

आठवें भाव में बृहस्पति और सूर्य की युति से धन, लंबी आयु और मान-सम्मान मिल सकता है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

सूर्य-शनि सातवें भाव में: वैवाहिक जीवन और धन लाभ

सूर्य और शनि की युति सातवें भाव में आपके वैवाहिक जीवन, व्यापार और धन पर गहरा असर डाल सकती है। जानिए इसके अच्छे और बुरे प्रभाव।

सूर्य-राहु सातवें भाव में: वैवाहिक जीवन और ससुराल पर प्रभाव

सूर्य और राहु का सातवें भाव में होना आपके वैवाहिक जीवन, व्यापारिक साझेदारी और ससुराल पक्ष पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

सूर्य-चंद्रमा सातवें भाव में: वैवाहिक जीवन और व्यापार

सूर्य और चंद्रमा का सातवें भाव में होना आपके वैवाहिक जीवन, व्यापार और ससुराल पक्ष पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। जानें इसके शुभ-अशुभ परिणाम।

सूर्य-मंगल सातवें भाव में: विवाह, धन और स्वास्थ्य पर प्रभाव

जानिए सूर्य और मंगल के सातवें भाव में होने से आपके विवाह, धन और स्वास्थ्य पर क्या अच्छे-बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं।

सूर्य-शुक्र छठे भाव में: सरकारी लाभ, संतान और स्वास्थ्य

सूर्य और शुक्र के छठे भाव में होने से सरकारी कामों में जीत, संतान के बाद भाग्य में वृद्धि, और शत्रुओं पर विजय मिलती है। हालांकि, संतान संबंधी चिंताएं और स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।