शनि-राहु-केतु की युति: बहरापन और कान की समस्या
अगर शनि, राहु और केतु कुंडली में एक साथ हों और शुभ ग्रहों की दृष्टि न हो तो बहरापन या कान की समस्या हो सकती है।
अगर शनि, राहु और केतु कुंडली में एक साथ हों और शुभ ग्रहों की दृष्टि न हो तो बहरापन या कान की समस्या हो सकती है।
चंद्रमा, शनि और राहु की युति के कारण आपको 33 से 39 साल की उम्र में बुरे नतीजे मिल सकते हैं। पत्नी और माँ से कम सुख मिलने की संभावना है।
चंद्रमा, राहु और केतु की युति का जीवन पर गहरा असर होता है। इस युति के प्रभावों को जानें और समाधान पाएं।
चंद्रमा, बुध और राहु की युति से पिता की मृत्यु और मां के संघर्ष का योग बनता है। जानें इसके प्रभाव।
अगर आपका जन्म पैर पहले हुआ है, तो आप पिता के धन पर बोझ बन सकते हैं या पिता की मृत्यु के बाद जन्म हो सकता है। जानें उपाय।
मंगल, राहु और केतु की युति से जीवन में कई तरह की कठिनाइयाँ आ सकती हैं, जिसमें संतानहीनता और दुर्भाग्य शामिल हैं।
बृहस्पति, शुक्र और राहु की युति से भाग्यहीनता, स्वास्थ्य समस्याएं और संतान से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।
बृहस्पति, सूर्य और राहु की युति आमतौर पर बुरे प्रभाव देती है, जिससे बदनामी और धोखाधड़ी की प्रवृत्ति बढ़ सकती है।
बृहस्पति, शनि और राहु की युति पुरुषों के लिए जीवन में संघर्ष ला सकती है, खासकर यदि यह दूसरे भाव में न हो।
बृहस्पति, राहु और केतु की युति आपको भाग्य के उलटफेर और प्रतिकूल ग्रहों के प्रभाव का सामना करा सकती है।
बृहस्पति, चंद्रमा और राहु की युति महिलाओं के सुख और शांति को प्रभावित कर सकती है, खासकर 12वें भाव में यह बुरा असर देती है।
बृहस्पति, बुध और राहु की युति आपको करोड़पति बना सकती है, लेकिन आप पैसे खर्च करने में कंजूस हो सकते हैं.
बृहस्पति, मंगल और बुध की युति का आपके बेटों के स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है और इससे बचाव के लिए क्या उपाय करें, जानें।
शुक्र, मंगल, राहु और केतु जब एक साथ होते हैं तो हर ग्रह अपना अलग प्रभाव दिखाता है।
शुक्र-मंगल-बुध-राहु की युति से शादी के बाद अपशगुन हो सकते हैं, जिससे दुश्मन बढ़ेंगे और धन हानि भी होगी।
मंगल, बुध, शनि और राहु की युति से चोरी, नुकसान और बेटियों को कष्ट हो सकता है। अगर बुध वक्री हो तो बेटियां बीमार पड़ सकती हैं।
बृहस्पति, चंद्रमा, बुध और राहु की युति से धन हानि हो सकती है, खासकर राहु की उम्र तक। हालांकि, ग्रहों के सहयोग से मिला-जुला अच्छा फल भी मिल सकता है।
यह युति व्यापार में नुकसान के बाद भी ससुर या चाचा से मिले धन से लाभ और धन संचय का संकेत देती है।