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बृहस्पति-राहु-केतु की युति: समय की चाल और भाग्य के उलटफेर

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ग्रहों के व्यक्तिगत प्रभाव उचित तरीके से लागू होते हैं।

राहु समय की चाल के लिए मुख्य है; केतु घड़ी को शक्ति देता है और शनि इन दोनों ग्रहों को चलाता है; इसका मतलब आपके लिए यह है कि आपको ग्रहों की कई प्रतिकूल (खराब) चालों का सामना करना पड़ सकता है; आपको भाग्य के इन विपरीत (उल्टे) वारों को बहादुरी से हराना पड़ सकता है। आप बहुत बुद्धिमान और शांत हो सकते हैं, लेकिन जब तक नकारात्मकता के साथ सही तालमेल नहीं बनता, आपको बदनामी और उससे जुड़ी नकारात्मकताओं के कड़वे दर्द झेलने पड़ सकते हैं; अभिभूत (परेशान) न हों।

विभिन्न भावों में ग्रहों के अलग-अलग प्रभाव लागू होते हैं।

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