बृहस्पति-शनि-राहु की युति: पुरुषों के लिए संघर्षपूर्ण जीवन
परिवार के पुरुषों का जीवन आरामदायक नहीं हो सकता है (अगर ग्रह दूसरे भाव के अलावा किसी और भाव में हों).
परिवार के पुरुषों का जीवन आरामदायक नहीं हो सकता है (अगर ग्रह दूसरे भाव के अलावा किसी और भाव में हों).
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बृहस्पति-मंगल-शनि की युति से परिवार में पुरुषों की संख्या कम हो सकती है, पुश्तैनी जायदाद बिक सकती है और कर्ज बना रह सकता है।
बृहस्पति, चंद्रमा और राहु की युति महिलाओं के सुख और शांति को प्रभावित कर सकती है, खासकर 12वें भाव में यह बुरा असर देती है।
बृहस्पति, शनि और केतु की युति बच्चों के लिए चुनौतियां ला सकती है और केतु से संबंधित रिश्तों व व्यापार को प्रभावित कर सकती है।
बृहस्पति, शुक्र और राहु की युति से भाग्यहीनता, स्वास्थ्य समस्याएं और संतान से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।
मंगल, राहु और केतु की युति से जीवन में कई तरह की कठिनाइयाँ आ सकती हैं, जिसमें संतानहीनता और दुर्भाग्य शामिल हैं।
चौथे भाव में बृहस्पति और शनि की युति प्रतिष्ठा दिला सकती है, लेकिन धन की कमी, घर का अभाव और पारिवारिक समस्याओं का कारण बन सकती है।
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