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मंगल-राहु-केतु की युति: अशुभ प्रभाव और संतानहीनता

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अगर पहले भाव (घर) में ग्रहों का मेल हो, तो मौत का खतरा मंडराता रहता है।

अगर आपकी जीभ और मुंह का ऊपरी हिस्सा काला हो, तो आपको और आपके परिवार के सदस्यों को हर तरफ से बुरी बरबादी (विनाश) का सामना करना पड़ सकता है। आपको बच्चे नहीं हो सकते हैं और आपका अंत दुखद हो सकता है। अगर शनि आठवें भाव में हो, तो बुध, राहु और केतु अपने-अपने अलग-अलग प्रभाव दे सकते हैं। इस स्थिति में, शनि राहु और केतु के सभी प्रयासों पर भी नज़र रखता है।

सभी ग्रह अपने-अपने संबंधित प्रभाव देते हैं।

नीचे दिए गए ग्रहों के मेल में, हर ग्रह के संबंधित नियम अपना प्रभाव दिखाते हैं।

  • बुध-शनि-राहु
  • बुध-शनि-केतु
  • बुध-राहु-केतु
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