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गरीबी · 37

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बृहस्पति-केतु बारहवें भाव में: सामान्य प्रगति और बच्चों की चिंता

बृहस्पति और केतु के बारहवें भाव में होने से जीवन में सामान्य प्रगति और बच्चों से जुड़ी चिंताएं हो सकती हैं।

बृहस्पति-शुक्र दसवें भाव में: धन और नैतिक व्यवहार

बृहस्पति और शुक्र दसवें भाव में होने पर पैतृक संपत्ति कम हो सकती है, लेकिन ईमानदारी से कमाया धन सुरक्षित रहता है। अनैतिक व्यवहार से धनहानि और बीमारियाँ हो सकती हैं।

शुक्र-शनि नौवें भाव में: आपसी सुख और धन की बढ़ोतरी

शादी के बाद महिला का रुतबा थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन पति-पत्नी को बहुत अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. आपसी सुख और धन की खूब बढ़ोतरी हो सकती है.

सूर्य-शुक्र नौवें भाव में: धन, भाग्य और सरकारी लाभ

सूर्य और शुक्र की नौवें भाव में युति पैतृक संपत्ति, सरकारी लाभ और धार्मिक यात्राओं का संकेत देती है, लेकिन बच्चों को लेकर चिंता और गरीबी का भी सामना करना पड़ सकता है।

सूर्य-शनि नौवें भाव में: धन, बच्चे और दुर्भाग्य

नौवें भाव में सूर्य और शनि की युति आपको अमीर बना सकती है, पर बच्चों और पिता के लिए अशुभ हो सकती है, साथ ही व्यापार में भी नुकसान दे सकती है।

शुक्र-मंगल आठवें भाव में: सम्मान, शक्ति और परिवार की परेशानियाँ

आठवें भाव में शुक्र और मंगल आपको सम्मानित और मज़बूत बनाते हैं, लेकिन परिवार को बुनियादी चीज़ों की कमी हो सकती है।

बृहस्पति-मंगल आठवें भाव में: आराम, बदनामी और कर्ज़

बृहस्पति और मंगल की आठवें भाव में युति परिवार को आराम दे सकती है, लेकिन बदनामी, कर्ज़ और संतान संबंधी समस्याएँ भी ला सकती है।

मंगल-केतु पांचवें भाव में: संतान, धन और स्वास्थ्य

मंगल और केतु के पांचवें भाव में होने पर संतान, धन और स्वास्थ्य पर शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ सकते हैं। जानें इसके ज्योतिषीय परिणाम।

बृहस्पति-शनि चौथे भाव में: प्रतिष्ठा और धन की कमी

चौथे भाव में बृहस्पति और शनि की युति प्रतिष्ठा दिला सकती है, लेकिन धन की कमी, घर का अभाव और पारिवारिक समस्याओं का कारण बन सकती है।

सूर्य-राहु दूसरे भाव में: धन, परिवार और भाग्य पर प्रभाव

सूर्य और राहु की दूसरे भाव में युति धन, परिवार और भाग्य में बड़े उतार-चढ़ाव ला सकती है। जानें इसके अच्छे और बुरे प्रभाव।

चंद्रमा-राहु दूसरे भाव में: करियर, धन और परिवार का सुख

चंद्रमा और राहु की दूसरे भाव में युति आपके करियर, धन और पारिवारिक जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकती है, जिससे बेहतरीन या बेहद बुरे परिणाम मिल सकते हैं।

बृहस्पति-शुक्र पहले भाव में: धन और पारिवारिक सुख

बृहस्पति और शुक्र पहले भाव में होने से धन की कमी और पारिवारिक कलह हो सकती है। मान-सम्मान मिल सकता है, लेकिन परिवार में पत्नी और पिता के बीच सामंजस्य मुश्किल हो सकता है।