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शनि-राहु दूसरे भाव में: शिक्षा, धन और ससुराल पर प्रभाव

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अच्छे फल:

  • जैसे एक साँप अपनी मर्ज़ी से रूप बदलता है, वैसे ही आप अपने से जुड़े सभी लोगों के लिए मददगार बन सकते हैं और उनकी सबसे अच्छी इच्छाओं (मनोकामनाओं) को पूरा करने के लिए काम कर सकते हैं.
  • दोनों ग्रह अपना सबसे अच्छा फल देंगे, खासकर शनि. वह आपके ससुराल वालों पर कोई बुरा असर (विषाणु) नहीं डालेगा, बल्कि उन पर अच्छी रोशनी डालेगा. इसलिए यह आपके ससुराल वालों के लिए ज़्यादा शुभ (अच्छा) हो सकता है.

बुरे फल: जब ये दोनों ग्रह दूसरे भाव में होते हैं, तो वे नीचे दिए गए बुरे फल दे सकते हैं:

  • आपकी पढ़ाई पूरी नहीं हो सकती है. बहुत मेहनत करने पर भी आपके पास पर्याप्त (काफी) पैसा नहीं हो सकता है.
  • जब से आप अपने ससुराल वालों से जुड़े हैं, तब से उन्हें बहुत ज़्यादा बुरा समय (अशुभता) देखने को मिल सकता है. उनकी सभी चल संपत्ति (चलने वाली चीज़ें) जैसे वाहन (गाड़ियां), मशीनें बड़े नुकसान के साथ बिक सकती हैं. यह किसी और तरह का नुकसान भी हो सकता है. आप नशे की लत में पड़ सकते हैं.
  • इसका संबंध साँपों और भैंसों से हो सकता है. आप व्यभिचारी (चरित्रहीन) हो सकते हैं, अपने पिता को परेशान कर सकते हैं. आप बहुत बदलाव कर सकते हैं लेकिन कोई तरक्की (विकास) नहीं होगी. आपके तरीके अनैतिक (गलत) हो सकते हैं और इसका मतलब यह हो सकता है कि आपके बच्चे (संतान) बुढ़ापे में आपका साथ नहीं देंगे. आप जुए और सट्टेबाज़ी में बहुत शामिल हो सकते हैं.
  • आठवें भाव में राहु का असर दिख सकता है. आपकी अपने जीवनसाथी (पति/पत्नी) से लड़ाई हो सकती है.
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