कुंडली से खोजें

सूर्य-शनि नौवें भाव में: धन, बच्चे और दुर्भाग्य

2 मिनट Read in English

अच्छा: आप अमीर होंगे और खुद को बड़ा बनाने की कोशिश करेंगे।

बुरा: जब अलग-अलग ग्रहों के साथ यह ग्रह बुरा असर देता है, तो ऐसा हो सकता है:

  • आपकी नज़र दूसरों के धन और उनकी पत्नी पर भी हो सकती है; आप जुआरी हो सकते हैं; आप अत्याचारी शासक बन सकते हैं; आप बदला लेने की सोच सकते हैं।
  • आप हमेशा सब पर बुरी नज़र रख सकते हैं, ईश्वर की निंदा (बुराई) कर सकते हैं; आप बुरे कामों में लिप्त (शामिल) हो सकते हैं: आपको बेवजह बदनामी मिल सकती है।
  • आप बहुत ज़्यादा शराब और मांसाहारी (नॉन-वेज) खाना खा सकते हैं: यह आपके बच्चों के लिए अच्छा नहीं होगा या आप निःसंतान (बिना बच्चों के) रह सकते हैं।
  • आपको लोहा, लकड़ी, मशीन और ज़मीन-जायदाद के व्यापार में बड़ा नुकसान हो सकता है; आप दूसरों पर निर्भर (आश्रित) रह सकते हैं; आप दुर्भाग्यशाली (बदनसीब) हो सकते हैं।
  • यह आपके पिता और ससुराल वालों के लिए अशुभ (बुरा) हो सकता है; यात्राओं में परेशानी आ सकती है; विदेशों से जुड़े कामों में पैसे का नुकसान हो सकता है; आपके जीवनसाथी के भाई-बहनों से आपको विरोध (विरोध) का सामना करना पड़ सकता है।
क्या यह लेख काम आया?
इस लेख को रेटिंग दें

टिप्पणियाँ (0)

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली आप लिखिए।

मिलते-जुलते लेख

बृहस्पति-शनि नौवें भाव में: धन, संतान और भाग्य पर प्रभाव

बृहस्पति और शनि की नौवें भाव में युति आपके धन, संतान, और भाग्य को कैसे प्रभावित करती है। जानिए इसके अच्छे और बुरे प्रभाव।

शुक्र-शनि नौवें भाव में: आपसी सुख और धन की बढ़ोतरी

शादी के बाद महिला का रुतबा थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन पति-पत्नी को बहुत अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. आपसी सुख और धन की खूब बढ़ोतरी हो सकती है.

बृहस्पति-केतु नौवें भाव में: आध्यात्मिक प्रगति और पारिवारिक सुख

बृहस्पति और केतु की नौवें भाव में युति व्यक्ति को आध्यात्मिक बनाती है, उसे प्रसिद्धि और पारिवारिक सुख देती है, लेकिन संतान और पिता से संबंधित चुनौतियां भी आ सकती हैं।

बृहस्पति-मंगल नौवें भाव में: पारिवारिक संबंध और भाग्य

बृहस्पति और मंगल का नौवें भाव में होना पारिवारिक संबंधों और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है, साथ ही भाग्य और संतान पर भी असर डालता है।

बृहस्पति-सूर्य नौवें भाव में: धन, भाग्य और परोपकार

बृहस्पति और सूर्य का नौवें भाव में होना धन, खुशी और सम्मान लाता है। आप परोपकारी होते हैं और मेहनत से अपना भाग्य चमकाते हैं।

अपनी कुंडली का लाल किताब विश्लेषण चाहिए?

नाम और WhatsApp नंबर दीजिए — हम आपसे संपर्क करेंगे।