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बृहस्पति नौवें भाव में: धर्म, भाग्य और संतान सुख

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अच्छी बातें:

  • आप एक योगी की तरह हैं, लेकिन फिर भी आप अमीर और प्रभावशाली लोगों में से हैं.
  • आप कभी अमीर और उदार होते हैं, तो कभी एक लापरवाह साधु की तरह रहते हैं.
  • आपकी धार्मिक मामलों में रुचि (दिलचस्पी) है.
  • आप धर्म को बढ़ावा देने वाली चीजें बनाते हैं.
  • आप धर्म का प्रचार करने वाले व्यक्ति हैं.
  • आपको गहनों के व्यापार से लाभ (फायदा) हो सकता है.
  • आपको बच्चों से अच्छा सुख मिल सकता है.
  • आपको संपादन (एडिटिंग) या लेखन (लिखने) के कामों से तरक्की और प्रगति मिल सकती है.
  • आपको सामाजिक संगठनों से प्रसिद्धि (शोहरत) और सम्मान मिल सकता है.

अच्छाई के संकेत:

  • आपके पैतृक (खानदानी) घर और भाग्य से जुड़ी चीजों में वृद्धि (बढ़ोतरी) हो सकती है.
  • आपके परिवार का नाम रोशन हो सकता है.

अशुभ बातें:

  • आपको गरीबी और बच्चों से दुख मिल सकता है; साथ ही पिता से भी संबंध अच्छे नहीं हो सकते और आप उनके विरोधी हो सकते हैं.
  • आप अपना धर्म छोड़ सकते हैं, लेकिन किसी लालच के कारण नहीं.
  • आप अपने ससुराल वालों का नुकसान कर सकते हैं.
  • आपका भाग्य कमजोर हो सकता है.

अशुभता के संकेत:

  • आप खुद अपनी नकारात्मक (बुरी) हरकतों से अपने भाग्य को खराब कर सकते हैं.
  • सोने को बेचना या गिरवी रखना.
  • आपके घर या काम की जगह के पास किसी धार्मिक स्थान का वीरान (खाली) माहौल होना.
  • पेट में गैस की समस्या.

नकारात्मकता दूर करने के उपाय:

  • गंगा में स्नान करना या बार-बार गंगाजल पीना.
  • पवित्र स्थानों की यात्रा करना या दूसरों को यात्रा कराने में मदद करना.
  • हमेशा अपने वचन (बात) के सच्चे और नैतिक (ईमानदार) रहें.
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