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बृहस्पति-केतु आठवें भाव में: खालीपन और गरीबी

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अच्छाई: आप खाली (बेकार) रहेंगे; आप अपनी बात को सही ठहराने की कोशिश करेंगे, लेकिन आप असंतुष्ट (नाखुश) रहेंगे।

बुराई: खालीपन को सही ठहराने के बावजूद, यह आपको और भी ज़्यादा निराश कर सकता है। इससे आपकी चेतना (सोच-समझ) और दिल सुन्न (बेजान) हो सकते हैं। आप लगातार गहरी गरीबी में बने रह सकते हैं।

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