कुंडली से खोजें

विवाह · 191

ग्रह और भाव चुनकर खोजें →

मंगल तीसरे भाव में: भाई-बहन, वैवाहिक सुख और शत्रु पर विजय

मंगल के तीसरे भाव में होने से भाई-बहन का सुख मिलता है, शादी के बाद भाग्य चमकता है और आप शत्रुओं पर विजय प्राप्त करते हैं।

शुक्र पहले भाव में: देखभाल, धन और वैवाहिक चुनौतियाँ

जानें पहले भाव में शुक्र के शुभ-अशुभ प्रभाव, जैसे दूसरों की परवाह, धन, देर से शादी और वैवाहिक चुनौतियाँ। साथ ही, इन प्रभावों को सुधारने के लिए लाल किताब के उपाय।

मंगल पहले भाव में: व्यापार में लाभ और दृढ़ संकल्प

मंगल के पहले भाव में होने से आपको व्यापार में लाभ, धन की प्राप्ति और दृढ़ संकल्प मिलता है। हालांकि, मां और जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चुनौतियां हो सकती हैं।

बृहस्पति पहले भाव में: शिक्षा, बुद्धि और पिता का भाग्य

जानें पहले भाव में बृहस्पति के शुभ-अशुभ प्रभाव, शिक्षा, करियर और पारिवारिक संबंधों पर असर। पितृ ऋण और विवाह से जुड़े महत्वपूर्ण उपाय।

शुक्र-राहु बारहवें भाव में: जीवनसाथी, स्वास्थ्य और धन पर प्रभाव

शुक्र और राहु का बारहवें भाव में होना जीवनसाथी, स्वास्थ्य और धन को प्रभावित कर सकता है। जानें इसके अच्छे-बुरे परिणाम और उपाय।

शुक्र-मंगल बारहवें भाव में: जीवनसाथी, गुप्त रुचि और परेशानियाँ

शुक्र और मंगल का बारहवें भाव में होना जीवनसाथी के लिए अच्छे-बुरे प्रभाव लाता है, साथ ही गुप्त रुचियां भी देता है।

सूर्य-शुक्र बारहवें भाव में: पत्नी, विदेश यात्रा और कला में रुचि

सूर्य और शुक्र के बारहवें भाव में होने से पत्नी का स्वभाव, विदेश यात्रा के योग और कला के प्रति रुचि पर असर पड़ता है। जानिए इसके अच्छे और बुरे प्रभाव।

चंद्रमा-शुक्र बारहवें भाव में: आराम, गुप्त विद्या और परेशानियाँ

बारहवें भाव में चंद्रमा और शुक्र की युति आपको आराम, गुप्त विद्याओं में रुचि देती है, लेकिन जीवनसाथी और भाई के लिए कुछ परेशानियाँ भी ला सकती है।

चंद्रमा-शनि बारहवें भाव में: धन की परवाह नहीं, वैवाहिक सुख में कमी

बारहवें भाव में चंद्रमा और शनि की युति धन के प्रति उदासीनता देती है, लेकिन वैवाहिक जीवन के सुख में कमी ला सकती है।

बृहस्पति-शनि बारहवें भाव में: विवाह और भाग्य पर प्रभाव

बारहवें भाव में बृहस्पति और शनि का मेल विवाह के बाद तरक्की और जीवन में कई अनुभवों का कारण बन सकता है, लेकिन कुछ चुनौतियाँ भी ला सकता है।