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विवाह में देरी · 12

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सूर्य सातवें भाव में: वैवाहिक जीवन और स्वास्थ्य पर प्रभाव

सूर्य के सातवें भाव में होने से वैवाहिक जीवन, स्वास्थ्य और भाग्य पर क्या असर होता है? जानिए इसके शुभ-अशुभ फल और आसान उपाय।

मंगल छठे भाव में: बच्चे, स्वास्थ्य और भाई से संबंध

छठे भाव में मंगल का प्रभाव शादी के बाद तरक्की दे सकता है, लेकिन बच्चों में देरी और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी हो सकती हैं।

राहु पांचवें भाव में: व्यापार में लाभ और संतान संबंधी चिंताएं

पांचवें भाव में राहु व्यापार में सफलता और धन लाभ देता है, लेकिन संतान और विवाह में देरी या स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं पैदा कर सकता है।

शुक्र पहले भाव में: देखभाल, धन और वैवाहिक चुनौतियाँ

जानें पहले भाव में शुक्र के शुभ-अशुभ प्रभाव, जैसे दूसरों की परवाह, धन, देर से शादी और वैवाहिक चुनौतियाँ। साथ ही, इन प्रभावों को सुधारने के लिए लाल किताब के उपाय।

शुक्र-शनि सातवें भाव में: धन और पारिवारिक सुख

शुक्र और शनि की सातवें भाव में युति आपको 36 से 39 साल की उम्र में बहुत अमीर बना सकती है। आपको पारिवारिक सुख और ससुराल से लाभ मिल सकता है।

सूर्य-राहु सातवें भाव में: वैवाहिक जीवन और ससुराल पर प्रभाव

सूर्य और राहु का सातवें भाव में होना आपके वैवाहिक जीवन, व्यापारिक साझेदारी और ससुराल पक्ष पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

सूर्य-मंगल सातवें भाव में: विवाह, धन और स्वास्थ्य पर प्रभाव

जानिए सूर्य और मंगल के सातवें भाव में होने से आपके विवाह, धन और स्वास्थ्य पर क्या अच्छे-बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं।

बृहस्पति-राहु पांचवें भाव में: संतान और वैवाहिक जीवन पर प्रभाव

पांचवें भाव में बृहस्पति और राहु की युति संतान और वैवाहिक जीवन पर गहरा असर डाल सकती है, जिससे देरी और चुनौतियां आ सकती हैं।

चंद्रमा-शुक्र-बुध की युति: लंबी उम्र और वैवाहिक चुनौतियाँ

चंद्रमा, शुक्र और बुध की युति लंबी उम्र दे सकती है, लेकिन शादी और बच्चों को लेकर चुनौतियाँ आ सकती हैं। 34 साल के बाद शादी शुभ हो सकती है।