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शुक्र-मंगल बारहवें भाव में: जीवनसाथी, गुप्त रुचि और परेशानियाँ

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मिले-जुले अच्छे और बुरे असर हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • आपका जीवनसाथी (spouse) नियंत्रित रहेगा और आपको सही सहारा देगा. आप अपने जीवनसाथी की परवाह करेंगे और उसकी सेवा करेंगे. जीवनसाथी के नाम पर किए गए काम से आपको फायदा हो सकता है और आप उसकी बात मानेंगे. आपको सभी सुख-सुविधाएं मिल सकती हैं.
  • आपको गुप्त (esoteric) विषयों में बहुत रुचि हो सकती है. आपको गाना गाने, कविता लिखने या चित्रकारी (painting) जैसे शौक हो सकते हैं. आपको खुशी मिलेगी और आपकी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं.

बुरे असर की बातें:

  • परिवार की पहली मुसीबत आपके जीवनसाथी पर आ सकती है. आप अपने जीवनसाथी और बच्चों से परेशान रह सकते हैं. आपकी पत्नी बीमार रह सकती है. आपमें अनैतिक संबंध (promiscuity) बनाने की प्रवृत्ति हो सकती है. आपको यौन रोग (V.D.) हो सकते हैं. आप धर्म के खिलाफ काम कर सकते हैं. 28 साल की उम्र तक आपके बड़े भाई पर बोझ हो सकता है. आपको आत्महत्या (suicidal) के विचार आ सकते हैं.
  • आपको जेल हो सकती है. आपके बनते हुए काम रुक सकते हैं. आपकी संतान (progeny) को परेशानी हो सकती है. आपको अनजान दुश्मनों से नुकसान हो सकता है.
  • जीवनसाथी की मौजूदगी से मिलने वाला सुख कम हो सकता है. आपको चोट लगने या नाक से खून बहने का खतरा हो सकता है. आप पर किए गए एहसानों के लिए आप कभी शुक्रगुजार (thankful) नहीं होंगे. आपके पास जो चीजें होंगी, वे जरूरत पड़ने पर काम नहीं आ सकती हैं.

आपको क्या करना चाहिए: गायत्री मंत्र का जाप (rendering) या पूजा करना अच्छा और शुभ है.

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