शनि-राहु की युति: पारिवारिक जीवन और संतान पर प्रभाव
सातवें भाव में ग्रहों का होना आपके पारिवारिक जीवन में दिक्कतें ला सकता है और संतान प्राप्ति में भी बाधाएं आ सकती हैं।
सातवें भाव में ग्रहों का होना आपके पारिवारिक जीवन में दिक्कतें ला सकता है और संतान प्राप्ति में भी बाधाएं आ सकती हैं।
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चंद्रमा, शनि और राहु की युति के कारण आपको 33 से 39 साल की उम्र में बुरे नतीजे मिल सकते हैं। पत्नी और माँ से कम सुख मिलने की संभावना है।
सूर्य, बुध और राहु की युति से एक से अधिक विवाह हो सकते हैं और संतान गलत मार्ग पर जा सकती है।
जानें शुक्र और शनि की पांचवें भाव में युति आपके बच्चों, धन और नैतिक मूल्यों पर क्या प्रभाव डालती है, शुभ और अशुभ दोनों।
चंद्रमा, शुक्र, मंगल और बुध की युति से अशुभ प्रभाव मिलते हैं, जो बेटी की शादी के बाद शुभ हो सकते हैं।
आठवें भाव में शनि और राहु का मेल अचानक मृत्यु से बचाव करता है। यह योग धन, लंबी आयु, और दो विवाह का संकेत देता है, साथ ही शुभ संतान भी प्रदान करता है।
छठे भाव में शनि और राहु धनवान बनाते हैं और दुश्मनों पर विजय दिलाते हैं, लेकिन स्वास्थ्य और परिवार के लिए कुछ चुनौतियाँ ला सकते हैं।
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