कुंडली से खोजें

नवम भाव · 46

ग्रह और भाव चुनकर खोजें →

चंद्रमा-मंगल नौवें भाव में: धन, संतान और अचानक मृत्यु

नौवें भाव में चंद्रमा और मंगल का मेल आपको अमीर और शक्तिशाली बना सकता है। आपकी संतानें भी सुखी रहेंगी, लेकिन अचानक मृत्यु का खतरा भी है।

लाल किताब के अनुसार: कुछ खास परिस्थितियों में मंदिर जाना और दान करना मना है

लाल किताब के अनुसार कुछ ग्रहों की स्थिति में मंदिर जाना या कुछ खास चीज़ों का दान करना आपके लिए बुरा हो सकता है। जानें कब बचें।

बृहस्पति विभिन्न भावों में: प्रेम, न्याय और आध्यात्मिकता

बृहस्पति का विभिन्न भावों में होना आपके प्रेम जीवन, न्यायप्रियता और आध्यात्मिक झुकाव को कैसे प्रभावित करता है, जानें।

ग्रहों के प्रभाव को मनचाहे घरों में पहुंचाने का तरीका

लाल किताब के अनुसार, किसी भी ग्रह के प्रभाव को अपनी पसंद के घर में पहुंचाने के लिए उससे संबंधित चीज़ों को खास जगहों पर रखें।

सूर्य नौवें भाव में: सरकारी लाभ और धार्मिक कार्य

सूर्य का नौवें भाव में होना आपको सरकारी कामों से लाभ और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का मौका देता है। यह आपके भाग्य को चमका सकता है।

चंद्रमा नौवें भाव में: ईमानदारी, संपत्ति और यात्रा

चंद्रमा नौवें भाव में व्यक्ति को ईमानदार, सम्मानित और संपत्तिवान बनाता है। ऐसे लोग धार्मिक यात्राएं कर सकते हैं और समाज सेवा में रुचि रखते हैं।

बुध नौवें भाव में: धार्मिकता और यात्रा से लाभ

नौवें भाव में बुध आपको धार्मिक बनाता है और यात्राओं से लाभ दिलाता है। हालांकि, यह बोलने में दोष और रिश्तों में समस्या भी दे सकता है।

केतु नौवें भाव में: तरक्की और विदेश यात्रा

केतु का नौवें भाव में होना आपको तरक्की दिलाता है और विदेश यात्राओं का योग बनाता है। यह आपके पिता के प्रति आज्ञाकारी होने का भी संकेत है।

शुक्र-शनि नौवें भाव में: आपसी सुख और धन की बढ़ोतरी

शादी के बाद महिला का रुतबा थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन पति-पत्नी को बहुत अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. आपसी सुख और धन की खूब बढ़ोतरी हो सकती है.

शुक्र-राहु नवम भाव में: पैतृक संपत्ति, प्रेम विवाह और दुर्भाग्य

नवम भाव में शुक्र और राहु का संयोग पैतृक संपत्ति में वृद्धि, प्रेम विवाह और धार्मिक यात्राएं देता है, लेकिन बच्चों की चिंताएं और दुर्भाग्य भी ला सकता है।

शुक्र-बुध नौवें भाव में: पैतृक संपत्ति, प्रेम विवाह और बुध के बुरे प्रभाव

नौवें भाव में शुक्र पैतृक संपत्ति, प्रेम विवाह और धार्मिक यात्राएं देता है, जबकि बुध साझेदारी में नुकसान, स्वास्थ्य समस्याएं और जीवनसाथी से अपमान ला सकता है।

शुक्र-मंगल नौवें भाव में: धन, भाग्य और प्रेम विवाह

नौवें भाव में शुक्र और मंगल की युति धन वृद्धि, सरकारी नौकरी, प्रेम विवाह और पत्नी के अच्छे स्वास्थ्य से जुड़ी है। उपाय के लिए चांदी की चूड़ी पहनें।

सूर्य-शुक्र नौवें भाव में: धन, भाग्य और सरकारी लाभ

सूर्य और शुक्र की नौवें भाव में युति पैतृक संपत्ति, सरकारी लाभ और धार्मिक यात्राओं का संकेत देती है, लेकिन बच्चों को लेकर चिंता और गरीबी का भी सामना करना पड़ सकता है।

सूर्य-शनि नौवें भाव में: धन, बच्चे और दुर्भाग्य

नौवें भाव में सूर्य और शनि की युति आपको अमीर बना सकती है, पर बच्चों और पिता के लिए अशुभ हो सकती है, साथ ही व्यापार में भी नुकसान दे सकती है।