बुध नौवें भाव में: धार्मिकता और यात्रा से लाभ
अच्छाई के संकेत (ट्रैक):
- आप अपने पूरे परिवार की सेवा करने वाले होंगे, धार्मिक कामों में आपकी रुचि हो सकती है।
- यात्राओं से लाभ (फायदा) हो सकता है, आप एक बड़े अधिकारी हो सकते हैं, पिता की देखभाल करने वाले होंगे।
- संगीत और ज्योतिष जैसे गूढ़ (गहरे) क्षेत्रों में आपकी रुचि हो सकती है।
अच्छाई के लक्षण:
- यहाँ बैठा बुध सभी ग्रहों में सबसे सख्त (कठोर) होता है और सभी ग्रहों को सकारात्मकता (अच्छाई) की ओर बढ़ने की प्रेरणा (ताकत) देता है।
बुराई के प्रभाव (दशा):
- आप एहसानफरामोश (एहसान न मानने वाले) और बेशर्म हो सकते हैं, अपना वादा नहीं निभाते, जन्म से ही बोलने में दोष (कमी) हो सकता है, किस्मत कमजोर हो सकती है, छोटी-छोटी चीजों के लिए भी बहुत निर्भर (दूसरों पर आश्रित) हो सकते हैं, बच्चों से असंतुष्ट (नाखुश) हो सकते हैं।
- जीवनसाथी की तरफ से चिंता हो सकती है, आप जादू-टोने और उनसे जुड़े रीति-रिवाजों में लिप्त (शामिल) हो सकते हैं।
- आपकी बेटी, भाभी, बहन, या बुआ में से सभी या कुछ विधवा हो सकती हैं।
बुराई के संकेतक (निशानियां):
- संगीत के उपकरण (म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स)।
- टाइपराइटर, टेलीफोन, कैलकुलेटर, घड़ियाँ और रेडियो उपकरण जो इस्तेमाल में नहीं हैं, उनकी अनावश्यक (बेवजह) मौजूदगी।
- सीढ़ियों में बदलाव या मरम्मत (बदली हुई सीढ़ियां) आदि।
क्या करें और क्या न करें:
- धार्मिक जगह से चीजें लेकर खाएं नहीं; हरा रंग वर्जित (मना) है।
- अपनी छिदी हुई नाक (बाईं ओर) में 96 घंटे के लिए सफेद धागा या चांदी का तार डालकर रखें।
- शरीर पर शुद्ध चांदी की चीज पहनें, एक लोहे की गेंद को लाल रंग से रंगकर अपने पास रखें।
- खाने से पहले गाय, कौवे और कुत्ते के लिए कुछ निवाले (टुकड़े) अलग निकाल कर रखें।
- नए कपड़े नदी के पानी में धोकर या गंगाजल छिड़ककर पहनें।
- मशरूम को एक मिट्टी के बर्तन में रखकर मंदिर में रखें।