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परिवार · 344

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बृहस्पति-शुक्र दसवें भाव में: धन और नैतिक व्यवहार

बृहस्पति और शुक्र दसवें भाव में होने पर पैतृक संपत्ति कम हो सकती है, लेकिन ईमानदारी से कमाया धन सुरक्षित रहता है। अनैतिक व्यवहार से धनहानि और बीमारियाँ हो सकती हैं।

बृहस्पति-शनि दसवें भाव में: बुद्धिमान, पर पिता और परिवार के लिए बुरा

बृहस्पति और शनि का दसवें भाव में होना आपको बुद्धिमान बना सकता है, लेकिन यह आपके पिता और परिवार के लिए शुभ नहीं हो सकता है।

बृहस्पति-चंद्रमा दसवें भाव में: स्वार्थी स्वभाव और स्वास्थ्य समस्याएँ

बृहस्पति और चंद्रमा के दसवें भाव में होने से व्यक्ति स्वार्थी हो सकता है, पिता से विरोध कर सकता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर सकता है।

बृहस्पति-केतु दसवें भाव में: धन लाभ और पारिवारिक अशांति

बृहस्पति और केतु दसवें भाव में होने से आपको कहीं से भी बड़ा लाभ हो सकता है, लेकिन परिवारिक जीवन में अशांति और पिता के लिए समस्याएँ आ सकती हैं।

शुक्र-शनि नौवें भाव में: आपसी सुख और धन की बढ़ोतरी

शादी के बाद महिला का रुतबा थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन पति-पत्नी को बहुत अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. आपसी सुख और धन की खूब बढ़ोतरी हो सकती है.

शुक्र-बुध नौवें भाव में: पैतृक संपत्ति, प्रेम विवाह और बुध के बुरे प्रभाव

नौवें भाव में शुक्र पैतृक संपत्ति, प्रेम विवाह और धार्मिक यात्राएं देता है, जबकि बुध साझेदारी में नुकसान, स्वास्थ्य समस्याएं और जीवनसाथी से अपमान ला सकता है।

सूर्य-शनि नौवें भाव में: धन, बच्चे और दुर्भाग्य

नौवें भाव में सूर्य और शनि की युति आपको अमीर बना सकती है, पर बच्चों और पिता के लिए अशुभ हो सकती है, साथ ही व्यापार में भी नुकसान दे सकती है।

चंद्रमा-शुक्र नौवें भाव में: पैतृक संपत्ति, प्रेम विवाह और धार्मिक यात्रा

नौवें भाव में चंद्रमा और शुक्र की युति से पैतृक संपत्ति, प्रेम विवाह और धार्मिक यात्राओं का योग बनता है। हालांकि, संतान संबंधी चिंताएं और कुछ मामलों में दुर्भाग्य भी संभव है।

चंद्रमा-बुध नौवें भाव में: धन, यात्रा और धार्मिकता

नौवें भाव में चंद्रमा और बुध की युति आपको धनवान बना सकती है और धार्मिक यात्राओं का अवसर दे सकती है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

बुध-राहु नवम भाव में: धर्म, यात्रा और संतान पर प्रभाव

बुध और राहु का नवम भाव में होना व्यक्ति को धार्मिक और यात्रा प्रेमी बना सकता है, लेकिन संतान और धन संबंधी चुनौतियां भी ला सकता है।

बृहस्पति-शुक्र नौवें भाव में: धन, प्रेम विवाह और संतान सुख

बृहस्पति और शुक्र की नौवें भाव में युति से धन में वृद्धि, प्रेम विवाह और संतान संबंधी मामलों में शुभ फल मिलते हैं।

बृहस्पति-सूर्य नौवें भाव में: धन, भाग्य और परोपकार

बृहस्पति और सूर्य का नौवें भाव में होना धन, खुशी और सम्मान लाता है। आप परोपकारी होते हैं और मेहनत से अपना भाग्य चमकाते हैं।

बृहस्पति-शनि नौवें भाव में: धन, संतान और भाग्य पर प्रभाव

बृहस्पति और शनि की नौवें भाव में युति आपके धन, संतान, और भाग्य को कैसे प्रभावित करती है। जानिए इसके अच्छे और बुरे प्रभाव।

बृहस्पति-राहु नौवें भाव में: धार्मिकता, भाग्य और संतान सुख

बृहस्पति और राहु की नवें भाव में युति व्यक्ति को धार्मिक, भाग्यशाली और संतान सुख प्रदान करती है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।