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बृहस्पति-शनि दसवें भाव में: बुद्धिमान, पर पिता और परिवार के लिए बुरा

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अच्छे पहलू:

  • आप अपने लिए अच्छे और समझदार हो सकते हैं.
  • आप गणेश जी की तरह बुद्धिमान और शुभ (अच्छे) हो सकते हैं.

खराब पहलू: जब दो अलग-अलग ग्रह इस भाव (घर) में एक साथ हों, तो यह बातें हो सकती हैं:

  • पिता के लिए बुरा हो सकता है. लेकिन अगर आप पिता से दूर रहते हैं, तो आपकी तरक्की (प्रगति) रुक सकती है और आपको परेशानी हो सकती है.
  • आपके रिश्तेदारों को नुकसान हो सकता है. आपके अच्छे कामों की बदनामी हो सकती है. आप हवाई किले (सिर्फ कल्पनाएं) बना सकते हैं.
  • अगर आप सीधा रास्ता भी अपनाते हैं, तो भी आपकी इच्छाएं पूरी नहीं हो सकती हैं.
  • आप नशे में पड़ सकते हैं और इससे आपकी तरक्की रुक सकती है.
  • आप बुरे या हत्यारे भी हो सकते हैं. माता-पिता के लिए और परिवार की दौलत के लिए यह अशुभ (बुरा) हो सकता है.
  • आप न तो अपने परिवार में खुश रह सकते हैं और न ही ससुराल में. आप भिखारी जैसे या बहुत गरीब हो सकते हैं.

ध्यान दें: 10 अंधे लोगों को खाना खिलाना सबसे अच्छा हो सकता है.

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