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शुक्र-मंगल सातवें भाव में: वंश वृद्धि और धन लाभ

सातवें भाव में शुक्र और मंगल की युति से वंश वृद्धि होती है और धन लाभ मिलता है। हालांकि, यह युति कुछ संघर्ष और स्वास्थ्य समस्याएं भी दे सकती है।

चंद्रमा-बृहस्पति की युति: छिपा धन और दूसरों का सहारा

चंद्रमा और बृहस्पति की युति से आपका छिपा हुआ धन फिर से सक्रिय हो सकता है। आप दूसरों के लिए एक बड़ा सहारा बन सकते हैं।

बृहस्पति-सूर्य, शुक्र-मंगल और अन्य ग्रहों के योग: धन, नौकरी और संबंध

लाल किताब के अनुसार विभिन्न ग्रहों के योग से धन, नौकरी, परिवार और रिश्तों पर क्या प्रभाव पड़ते हैं, जानिए इस लेख में।

सूर्य-शनि-शुक्र-केतु-चंद्रमा की युति: पत्नी, संतान और मां को कष्ट

यदि सूर्य के साथ शनि, शुक्र, केतु और चंद्रमा एक साथ हों तो पत्नी, संतान और मां को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

शुक्र बारहवें भाव में: पत्नी, परिवार और गुप्त ज्ञान

शुक्र के बारहवें भाव में होने से पत्नी का स्वभाव, पारिवारिक जीवन और गुप्त ज्ञान में रुचि पर क्या असर पड़ता है, जानें।

मंगल बारहवें भाव में: संघर्ष में जीत और परिवार का मुखिया

मंगल के बारहवें भाव में होने से आप परिवार के मुखिया बन सकते हैं और संघर्षों में जीत हासिल कर सकते हैं, लेकिन बड़े भाई को खतरा और वैवाहिक जीवन में बाधाएं आ सकती हैं।

शुक्र ग्यारहवें भाव में: धन, कला और वैवाहिक प्रगति

ग्यारहवें भाव में शुक्र आपको सही-गलत का ज्ञान देता है, धन की कमी नहीं होने देता और कला के क्षेत्र में सफलता दिलाता है। शादी के बाद आपकी तरक्की होगी।

शनि ग्यारहवें भाव में: धन, संतान और सरकारी नौकरी

शनि का ग्यारहवें भाव में होना आपको भाग्यशाली, न्यायप्रिय और सरकारी अधिकारी बना सकता है। आपको संपत्ति, वाहन और पारिवारिक सुख मिल सकता है।

बुध ग्यारहवें भाव में: 34 के बाद भाग्य उदय और संतान चिंता

बुध के ग्यारहवें भाव में होने से 34 साल की उम्र के बाद भाग्य चमक सकता है, लेकिन संतान और रिश्तेदारों से संबंधित चिंताएं रह सकती हैं।

बृहस्पति ग्यारहवें भाव में: सुख, सम्मान और संपत्ति

जानें बृहस्पति के ग्यारहवें भाव में होने से जीवन में मिलने वाले सुख, सम्मान और संपत्ति के योग। साथ ही, इसके शुभ-अशुभ प्रभाव और उनसे बचने के उपाय।

मंगल दसवें भाव में: धन, तरक्की और सामाजिक सहयोग

मंगल का दसवें भाव में होना परिवार में धन और तरक्की लाता है। यह आपको सेना में उच्च पद और सामाजिक मामलों में सहयोग दे सकता है।

बुध नौवें भाव में: धार्मिकता और यात्रा से लाभ

नौवें भाव में बुध आपको धार्मिक बनाता है और यात्राओं से लाभ दिलाता है। हालांकि, यह बोलने में दोष और रिश्तों में समस्या भी दे सकता है।