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सूर्य-शनि-शुक्र-केतु-चंद्रमा की युति: पत्नी, संतान और मां को कष्ट

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कुछ खास योग (खास बातें)

  • अगर सूर्य के साथ शनि हो, और शुक्र, केतु, चंद्रमा भी हों, तो आपकी पत्नी, बेटा या बेटी, और मां को दिक्कतें हो सकती हैं.
  • अगर सूर्य के साथ मंगल हो, और शुक्र, केतु, चंद्रमा भी हों, तो आपकी पत्नी, बेटा या बेटी, और मां को दिक्कतें हो सकती हैं. आपके पिता भी 22-24 साल की उम्र में बीमार पड़ सकते हैं.
  • अगर शुक्र तीसरे घर में हो, और सूर्य, चंद्रमा, केतु नौवें घर में हों, तो आपको 22 से 24 साल की उम्र में किसी महिला के ज़रिए विदेश यात्रा का बुलावा मिल सकता है.
  • अगर चंद्रमा और केतु एक साथ हों, तो आपकी मां और बेटे/बेटी दोनों को परेशानी हो सकती है.
  • अगर केतु चौथे घर में हो और राहु दसवें घर में हो, तो आपके बच्चे 34-42 साल की उम्र में पैदा हो सकते हैं. अगर वे इससे पहले पैदा होते हैं, तो वे आपके अपने नहीं हो सकते हैं (मतलब, उनकी संतान नहीं हो सकती).
  • अगर बृहस्पति छठे घर में हो, तो आपके पिता को सांस की बीमारी हो सकती है (दमा नहीं). आपका सोना खो सकता है.
  • अगर बुध दूसरे घर में हो, तो आपके घर में सूत (धागे) के गोले पड़े हो सकते हैं. उन्हें खोल दें, क्योंकि आपका भाग्य उनमें लिपटा हुआ हो सकता है.
  • अगर चंद्रमा छठे घर में हो, तो आपकी मां को कष्ट हो सकता है. बच्चों के लिए खरगोश पालें. अगर वह मर जाए, तो दूसरा ले आएं.
  • अगर बृहस्पति सातवें घर में हो, तो आपकी अपने पिता से कम बनती है, इसलिए मूंगा पहनें.
  • अगर शुक्र और केतु एक साथ हों और पांचवां घर खराब हो, तो संतान होने में बाधा आ सकती है.
  • अगर शुक्र और केतु हों और आपकी शादी न हुई हो, तो आप अंधे हो सकते हैं. साल के फल (वर्षफल) के अनुसार, जब आठवें घर का ग्रह दूसरे घर में आता है, तो आपका भाग्य खुल सकता है.
  • जब बृहस्पति पहले, चौथे या नौवें घर में आता है, तो बहुत खुशी मिल सकती है. अगर अकेला शुक्र दूसरे, चौथे या सातवें घर में होगा, तो आपकी कई पत्नियां हो सकती हैं और वे जीवित भी हो सकती हैं.
  • अगर सूर्य और शुक्र एक साथ हों, तो आपकी पत्नी को खून की बीमारी हो सकती है, ऑपरेशन से मृत्यु हो सकती है. आपके दो बच्चे हो सकते हैं. अगर अकेला बुध पहले, पांचवें, नौवें या बारहवें घर में हो, तो आपकी एक ही पत्नी होगी, चाहे संतान हो या न हो.
  • अगर मंगल छठे घर में हो, तो आपके दो चाचा और दो भाई हो सकते हैं.
  • अगर शुक्र दूसरे घर में हो, तो आप ससुराल वालों के लिए किसी काम के नहीं हो सकते हैं.
  • अगर केतु नौवें घर में हो, तो यह आपके मामा और ननिहाल पक्ष पर भारी पड़ सकता है.
  • शनि और चंद्रमा का टकराव होने पर आंखों का ऑपरेशन हो सकता है.
  • शनि और बृहस्पति के मिलने पर मकान बन सकता है, लेकिन आपकी पत्नी नाराज़ रह सकती है.
  • अगर राहु पांचवें घर में हो, तो आपके बच्चे बिजली का काम कर सकते हैं. (वर्षफल के अनुसार, अगर आठवें घर में केतु हो तो बेटे पर असर, अगर आठवें घर में बुध हो तो बेटी पर असर).
  • अगर सूर्य छठे घर में हो और बुध बारहवें घर में हो, तो आपको हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है.
  • अगर सूर्य छठे घर में हो और शनि बारहवें घर में हो, तो आपकी पत्नी की मृत्यु हो सकती है.
  • अगर शुक्र तीसरे घर में हो, तो अपना मकान न बनाएं. अगर आप बनाएंगे, तो वह उजड़ सकता है (बर्बाद हो सकता है).
  • अगर शुक्र दूसरे घर में हो, तो किसी विधवा महिला से प्यार आपकी बर्बादी का कारण बन सकता है.
  • अगर शुक्र सातवें घर में हो, तो आपकी शादी के बाद भाग्य खुल सकता है.
  • जब बृहस्पति और शुक्र पहले और सातवें घर में हों, तो शादी का योग बन सकता है. शादी के बाद जब वे इन घरों में आते हैं, तो भी शुभ फल दे सकते हैं. बृहस्पति ज़रूर फल देता है, शुक्र दे या न दे.
  • अगर आपकी कर्क लग्न (कुंडली के पहले घर में 4 नंबर) की कुंडली हो, और दूसरे घर में राहु हो, आठवें घर में बुध हो, और नौवें घर में सूर्य हो, तो आप एक इज़्ज़तदार ज्योतिषी बन सकते हैं. आप बिना गुरु के ही दिन-ब-दिन सिद्ध (माहिर) होते चले जा सकते हैं.
  • अगर आपकी मिथुन लग्न (कुंडली के पहले घर में 3 नंबर) की कुंडली है, और लग्न का स्वामी (बुध) ग्यारहवें घर में हो, और बुध के साथ सूर्य हो, और बृहस्पति की नज़र लग्न पर पड़ रही हो, तो आपको हर काम में सफलता मिलती रह सकती है.
  • अगर लग्न तुला (कुंडली के पहले घर में 7 नंबर) हो, और लग्न के स्वामी (शुक्र) और पांचवें घर के स्वामी (शनि) की युति (एक साथ) हो रही हो, तो भी आपको ज्योतिष में रुचि हो सकती है.
  • अगर कुंडली में धनु राशि का चंद्रमा हो, और कर्क राशि का बृहस्पति हो, तो आप एक बहुत अच्छे साहित्यकार (लेखक) हो सकते हैं.
  • अगर कुंभ लग्न (कुंडली के पहले घर में 11 नंबर) में मंगल और शुक्र दोनों हों, तो आप बहुत ज़्यादा कामी (भोग विलास में लिप्त) हो सकते हैं. आपको व्यभिचार (अनैतिक संबंध) के कारण जेल भी जाना पड़ सकता है.
  • अगर पांचवें घर में मंगल, केतु या सूर्य हो, तो आपका बेटा आपकी इज़्ज़त पर धब्बा लगा सकता है (आपकी बदनामी कर सकता है).
  • अगर वृश्चिक लग्न (कुंडली के पहले घर में 8 नंबर) हो, लग्न में सूर्य हो, और लग्न का स्वामी (मंगल) दूसरे घर में हो, बुध साथ हो, तो आप युवावस्था (जवानी) में ही पागल हो सकते हैं. आपको जेल में जीवन बिताना पड़ सकता है.
  • अगर मीन लग्न (कुंडली के पहले घर में 12 नंबर) हो, लग्न में मंगल हो, तो कुंडली मिलाए बिना शादी न करें. अगर आप करेंगे, तो छह महीने में तलाक हो सकता है.
  • अगर नौवें घर में नीच का शनि हो, और बारहवें घर में कर्क राशि का मंगल हो, या इनके साथ-साथ दसवें घर में राहु हो, तो आपके पिता गरीब हो सकते हैं. आपको भी कठिनाइयों से जीवन जीना पड़ सकता है.
  • अगर तीसरे घर का स्वामी पहले से पांचवें घर में हो, तो इसका मतलब है कि संतान को नुकसान हो सकता है.
  • अगर शनि तीसरे घर में हो, तो आपको अच्छी रोटी (खाना) मिल सकती है, लेकिन नकद पैसे की कमी रह सकती है.
  • अगर आपकी कुंडली कर्क लग्न (कुंडली के पहले घर में 4 नंबर) की हो, यानी पहले घर में 4 का अंक हो, दूसरे में राहु, आठवें घर में बुध, नौवें घर में सूर्य हो, तो आप एक इज़्ज़तदार ज्योतिषी बन सकते हैं.
  • जिन लोगों का जन्म 13 से 23 अप्रैल के बीच होता है, वे दूसरों से कुछ खास व्यक्ति हो सकते हैं. इन दिनों सूर्य उच्च का (सबसे ताकतवर) होता है और उसके अंश (डिग्री) भी ठीक होते हैं.
  • अगर राहु नीच का हो या उन घरों में हो जहां वह खराब असर देता है. या बुध और राहु तीसरे, आठवें, नौवें, बारहवें घर में हों और शनि दूसरे घर में हो, तो ऐसे लोग शादी के बाद अपने ससुर को बर्बाद कर सकते हैं.
  • अगर सूर्य चौथे घर में हो और मंगल दसवें घर में हो, तो आप एक आंख से काने हो सकते हैं.
  • बृहस्पति और शुक्र साथ हों तो कामाग्नि (यौन इच्छा) ज़्यादा हो सकती है. चंद्रमा और बृहस्पति ग्यारहवें घर में हों, तो आपकी नानी, दादी, सास, बड़ा भाई, ताया (पिता का बड़ा भाई) पेट दर्द की बीमारी के कष्ट में जीवन जी सकते हैं.
  • सूर्य और शुक्र एक साथ हों या सूर्य और शनि का नज़र के हिसाब से टकराव हो, सूर्य, शुक्र और बुध एक साथ हों, तो बिना समय (अचानक) तलाक, जुदाई (अलग होना), और चाल-चलन की बदनामी (सच्ची या झूठी) अक्सर ज़रूर होती है.
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