चंद्रमा-बृहस्पति की युति: छिपा धन और दूसरों का सहारा
आर्थिक विश्लेषण
बचत
- अगर सूर्य और बुध 11वें घर में हों, तो आप सरकारी कमाई (राजदरबारी कमाई) में से बचत कर सकते हैं।
- अगर पुरुष ग्रह (नर ग्रह) और घर में उत्तम ग्रह (अच्छे ग्रह) हों, तो आपकी आय (कमाई) बढ़ती रहती है।
खर्च
- अगर बृहस्पति और शुक्र या बृहस्पति और बुध 12वें घर में नीच ग्रह (कमज़ोर ग्रह) हों, तो बेकार के खर्च और बर्बादी (नुकसान) हो सकती है।
- या अगर 11वां और 12वां दोनों घर खाली हों, तब भी ऐसा हो सकता है।
आय (कमाई) के लिए 11वें घर को देखते हैं, जबकि खर्च के लिए 12वें घर को और बचत के लिए 9वें घर को देखा जाता है। बुजुर्गों (बड़े-बुज़ुर्गों) से जुड़ी आय 2रे घर से देखी जाती है। स्वास्थ्य (सेहत) और आयु (उम्र) 5वें घर से देखी जाती है। अगर बृहस्पति और सूर्य एक साथ या अलग-अलग अच्छे घरों में हों या अपने मित्र ग्रहों (दोस्तों) के साथ हों, तो ऐसी ही स्थिति में अगर सूर्य और बुध, बृहस्पति और शनि, बुध और शनि हों, तो अपने आप बचत होती रहती है।
धन-संपत्ति के विषय में
संपत्ति (धन-दौलत) का स्रोत (ज़रिये) 4थे घर से माना जाता है। इसलिए 4थे घर में जो ग्रहों की अवधि (समय) है, उससे आय का स्रोत मानेंगे। यदि 4था घर खाली हो, तो (यह चंद्रमा का घर होने के कारण) उसकी अवधि 24 वर्ष से मानी जाएगी।
- अगर चंद्रमा और मंगल एक साथ ख़ास तौर पर 3रे घर में हों, तो दान-पुण्य (दान कल्पना) से धन में वृद्धि (बढ़ोतरी) हो सकती है। यदि ये दोनों ग्रह 10वें या 11वें घर में हों या शनि से मिल जाएँ, तो आप लालची हो सकते हैं।
चंद्रमा और बृहस्पति
- आपका दबा हुआ धन (छिपा हुआ पैसा) हो सकता है, जो फिर से चलने लगे और काम आए। दूसरों के लिए आप बरगद के पेड़ (बड़ के वृक्ष) के समान बहुत बड़ा सहारा हो सकते हैं।
चंद्रमा और शनि
- ये बृहस्पति के घरों में या बृहस्पति के साथ अच्छे होंगे, नहीं तो यह बेकार की माया (धन) की तरह है जो लंगूर की तरह छलांग लगाकर चली जाती है।
शुक्र और मंगल
- यह ससुराल से मिला हुआ या आपकी पत्नी द्वारा कमाया हुआ धन हो सकता है।