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बृहस्पति ग्यारहवें भाव में: सुख, सम्मान और संपत्ति

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क्या अच्छा होता है:

  • आपको दुनिया की सारी सुख-सुविधाएं मिलेंगी.
  • आपको राज्य के बड़े प्रशासनिक (सरकारी) अधिकारियों के बीच इज़्ज़त मिलेगी.
  • आपकी और आपके परिवार की देखभाल के लिए आपके पास बहुत सारे नौकर होंगे.
  • आप परिवार के एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ (ज़िम्मेदार) बेटे होंगे.
  • आपके पास बड़े घर (हवेलियाँ) और गाड़ियाँ होंगी.

शुभ होने के संकेत:

  • आस-पास मधुमक्खी का छत्ता होना.
  • मुर्गी के अंडे दिखना.
  • नकली चाँदी की चीज़ें.

क्या बुरे असर हो सकते हैं:

  • आपको अच्छी संपत्ति (जायदाद) विरासत में नहीं मिल पाएगी, भले ही आपके पिता बहुत अमीर हों.
  • आपका व्यवहार खराब हो सकता है.
  • ऊपर बताई गई बातें और अपनी पत्नी को परेशान करने की आदत आपको बर्बादी की ओर ले जा सकती है.
  • आपको अपने बच्चों, बहन, बेटियों के ससुराल वालों और बुआ से नुकसान हो सकता है.
  • आपकी बुढ़ापे की उम्र मुश्किल भरी हो सकती है.
  • आपको एक बड़े परिवार का पालन-पोषण करना पड़ सकता है.
  • आपको मृत्यु के समय भी पूरी तरह से अनदेखी (उपेक्षा) और गरीबी का सामना करना पड़ सकता है.

इस योग के अशुभ होने के संकेत:

  • किसी धार्मिक स्थान से जुड़ाव या उसके आस-पास बातचीत.
  • एक अशुभ (बुरा) तकिया.
  • लगातार दिखने वाला खराब भाग्य जो आपको बुरे दौर में ले जाता है.

इस अशुभ योग से बचने के लिए क्या करें:

  • अंडे न खाएं.
  • कभी भी बहुत ज़्यादा लालच न दिखाएं और न ही उस पर अमल करें.
  • अपने घर में मूर्तियाँ रखकर उनकी पूजा न करें.
  • हमेशा अपने पास एक पीला रुमाल रखें.
  • अपने पिता की चीज़ें जैसे बिस्तर, घड़ियाँ, कपड़े, गहने आदि का व्यक्तिगत रूप से उपयोग न करें.
  • एक सूखे हुए पीपल के पेड़ को पानी दें.
  • कभी-कभी श्मशान घाट में कुछ तांबे के सिक्के डालें.
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