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शुभ ग्रह · 51

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बृहस्पति-शुक्र तीसरे भाव में: धन, समृद्धि और पत्नी का सहयोग

तीसरे भाव में बृहस्पति और शुक्र की युति धन, समृद्धि और पत्नी के सहयोग का संकेत देती है, लेकिन दूसरों की चापलूसी से बचें.

बृहस्पति-चंद्रमा तीसरे भाव में: धन, तरक्की और सम्मान

तीसरे भाव में बृहस्पति और चंद्रमा की युति से व्यक्ति को धन, मान-सम्मान और लगातार तरक्की मिलती है। यह भाइयों के लिए भी शुभ होता है।

सूर्य-मंगल दूसरे भाव में: लंबी आयु और शत्रुओं पर विजय

सूर्य और मंगल का दूसरे भाव में होना लंबी आयु और शत्रुओं पर विजय दिलाता है। दिल साफ रखने से चारों ओर अच्छाई आती है।

चंद्रमा-केतु दूसरे भाव में: पारिवारिक सुख और गूढ़ विद्याओं में रुचि

चंद्रमा और केतु की युति दूसरे भाव में आपको पारिवारिक सुख देती है और गूढ़ विद्याओं में आपकी रुचि बढ़ाती है।

बृहस्पति-राहु दूसरे भाव में: धन, शिक्षा और पारिवारिक सुख

बृहस्पति और राहु के दूसरे भाव में होने से व्यक्ति धनी, शिक्षित और परिवार से सुख पाने वाला हो सकता है। यह योग ससुराल और धार्मिक कार्यों से भी लाभ दिलाता है।

बृहस्पति-केतु दूसरे भाव में: शुभ-अशुभ प्रभाव और उपाय

बृहस्पति और केतु का दूसरे भाव में होना शुभ और अशुभ दोनों तरह के प्रभाव दे सकता है, खासकर आठवें भाव की स्थिति पर निर्भर करता है।

चंद्रमा-शुक्र पहले भाव में: व्यक्तित्व और वैवाहिक जीवन

पहले भाव में चंद्रमा और शुक्र की युति व्यक्ति को आकर्षक व्यक्तित्व, उदार स्वभाव और अच्छी सुविधाएं देती है, लेकिन वैवाहिक जीवन में चुनौतियां ला सकती है।

बृहस्पति-राहु पहले भाव में: नेक और दानी, पर भ्रम और स्वास्थ्य समस्याएँ

बृहस्पति और राहु की युति पहले भाव में आपको नेक और दानी बनाती है, पर भ्रम, स्वास्थ्य समस्याएँ और शिक्षा में बाधाएँ दे सकती है।

बृहस्पति-बुध पहले भाव में: राजा जैसा व्यक्तित्व और धन

बृहस्पति और बुध पहले भाव में व्यक्ति को राजा जैसा व्यक्तित्व, उच्च पद और धन प्रदान करते हैं, लेकिन गरीबी या अज्ञानी संन्यासी भी बना सकते हैं।

बृहस्पति-सूर्य-चंद्रमा की युति: मान-सम्मान और धन लाभ

बृहस्पति, सूर्य और चंद्रमा की युति से मान-सम्मान, धार्मिक रुचि और धन लाभ होता है। आप उदार और मददगार स्वभाव के हो सकते हैं।