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बृहस्पति-केतु दूसरे भाव में: शुभ-अशुभ प्रभाव और उपाय

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अच्छे फल मिल सकते हैं: केतु शुभ (अच्छा) होगा. आपको लोगों की हमदर्दी (सहानुभूति) मिल सकती है. लेकिन यह तभी होगा जब आठवां भाव (घर) खाली हो. एक भी ग्रह वहां न हो.

बुरे फल मिल सकते हैं: आपको अशुभ (बुरे) प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है. आप स्वार्थी (मतलबी) हो सकते हैं.

ध्यान दें: अगर राहु आठवें भाव में हो, तो भी उसे खाली ही मानना चाहिए. मतलब, राहु के होने पर भी आठवें भाव को खाली माना जाएगा.

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