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सूर्य-बुध-शनि की युति: संपत्ति और मानसिक कार्य में सफलता

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सूर्य और शनि के बीच कोई टकराव नहीं होता है. तीन ग्रह अपना अलग-अलग फल देते हैं. जब तीनों शुभ स्थिति में होते हैं, तो वे अच्छे नतीजे देते हैं (दूसरे, पांचवें, नौवें और बारहवें भाव में). लेकिन बृहस्पति इतना मेहरबान नहीं होता है.

वक्री (उल्टा चलने वाला) सूर्य ऐसी स्थिति बनाता है कि बुध से जुड़ी चीजें, जैसे:

  • कमीशन-एजेंसी
  • दिमागी काम

अनजाने में अच्छे नतीजे देते हैं.

शनि संपत्ति में बढ़ोतरी या संपत्ति का मिलना तय करता है.

  • अगर तीन ग्रह आठवें भाव में हों और बृहस्पति दूसरे भाव में हो, तो बृहस्पति से मिलने वाला सारा अच्छा फल मिलता है (दूसरे भाव में होने के कारण).
  • तीनों ग्रह अपना अलग-अलग प्रभाव डालते हैं, जो उनके हिसाब से होता है.
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