बृहस्पति-सूर्य-शनि की युति: प्रसिद्धि और सम्मान
जब ये ग्रह छठे भाव में एक साथ होते हैं, तो आपको हर जगह इज़्ज़त और शोहरत (प्रसिद्धि) मिलती है। एक खास स्थिति बनती है: अगर आपके पुश्तैनी (पुरखों का) या आपके अपने घर की बाईं दीवार के आखिर में एक अँधेरी कोठरी (कमरा) है, और उस कोठरी की अलमारी में खेती से जुड़ा सामान रखा है, तो इन तीन ग्रहों का यह मेल बुरा नतीजा नहीं देता। यह बात तब और भी ज़्यादा लागू होती है जब ग्रह पाँचवें भाव में हों। ऐसे में पाँचवें भाव से जुड़ी चीज़ें (जैसे आपकी संतान) भी किसी बुरे नतीजे से बची रहती हैं।
इन ग्रहों के अच्छे और बुरे असर भी अलग-अलग दिखाई देते हैं।