सूर्य, चंद्र, शनि, राहु का विभिन्न भावों में प्रभाव: आयु और भाग्य पर असर
ग्रहों के खास घर और उनका असर
सूर्य - 22
चंद्र - 24
मंगल - 28
बुध - 34
बृहस्पति - 16
शुक्र - 25
शनि - 36
राहु - 42
केतु - 48
अगर सूर्य मजबूत होकर चौथे घर में आ जाए या चौथे घर का मालिक (स्वामी) बन जाए, तो आप 22 साल की उम्र में नौकरी या काम शुरू कर सकते हैं. आपको घर और गाड़ी का सुख भी मिल सकता है. लेकिन अगर सूर्य कमजोर होकर चौथे घर में आ जाए, तो नौकरी, कारोबार (बिजनेस), घर और गाड़ी के सुख को नुकसान हो सकता है. माता को भी परेशानी हो सकती है.
अगर चंद्र सातवें घर में मजबूत होकर बैठा हो या सातवें घर का मालिक हो, तो आपका विवाह 24वें साल में हो सकता है.
अगर शनि चौथे घर में बैठा हो या उसका मालिक हो, तो 36वें साल के बाद आपको जमीन आदि मिल सकती है.
अगर राहु नौवें घर में बैठ जाए, तो आपकी किस्मत (भाग्योदय) 42वें साल के बाद चमक सकती है.
खास बात:
- अपनी उच्च राशि (सबसे अच्छी राशि) में बैठे ग्रह अच्छे फल देते हैं.
- अपने घरों में बैठे ग्रह बहुत अच्छे फल देते हैं.
- दोस्त ग्रहों के घरों में बैठे ग्रह अच्छे फल देते हैं.
- दुश्मन ग्रहों के घरों में बैठे ग्रह बुरे फल देते हैं.
घर 5 और 9 में चाहे कोई भी ग्रह हो, वे आमतौर पर (प्रायः) अच्छा फल ही देते हैं. चंद्र घर 3, 6, 11 के ग्रह अगर मजबूत हों तो अच्छे फल देते हैं. अगर वे कमजोर हों तो आपको परेशानी या दुश्मनों से परेशानी (शत्रु पीड़ा) भी दे सकते हैं.
उम्र के सालों पर ग्रह का असर और घरों का असर
बारह साल की उम्र तक बच्चे की किस्मत (भाग्य) का कोई भरोसा नहीं होता और 70-72 साल की उम्र के बाद पुरुष की किस्मत का कोई भरोसा नहीं होता.
साल के फल (वर्षफल) में जब कोई ग्रह नीच स्थान (कमजोर जगह) पर आ जाए, तो उसका बुरा असर जन्मदिन के बाद उस महीने से माना जाएगा. जैसे - अगर सूर्य 7वें घर में आ जाए, तो जन्मदिन के बाद जब वह सातवें महीने में आएगा, तब बुरा असर देगा, दूसरे महीने में नहीं.