दो ग्रहों के मिलने से होने वाले रोग: स्वास्थ्य समस्याएं और उपाय
दो ग्रहों के मिलने से होने वाले रोग
- बृहस्पति + राहु या बृहस्पति + केतु - दमा (सांस की बीमारी), सांस लेने में तकलीफ, तपेदिक (टी.बी.) हो सकती है.
- राहु + केतु - बवासीर हो सकती है.
- चंद्र + राहु - पागलपन (मानसिक बीमारी), निमोनिया हो सकता है.
- सूर्य + शुक्र या बुध + बृहस्पति - दमा (सांस की बीमारी), सांस लेने में तकलीफ, तपेदिक (टी.बी.) हो सकती है.
- मंगल + शनि - खून की बीमारी, कोढ़ (त्वचा का रोग), शरीर का कमज़ोर हो जाना हो सकता है.
- शुक्र + राहु - नामर्दी (नपुंसकता) हो सकती है.
- शुक्र + केतु - केवल केतु से जुड़ी बीमारियां, स्वप्नदोष (रात में वीर्य निकलना) हो सकता है.
- बृहस्पति + मंगल (और सूर्य + शनि का बुरा असर) - पीलिया (पीलिया रोग) हो सकता है.
- चंद्र + बुध या मंगल का टकराव - ग्लैंड (ग्रंथि से संबंधित समस्या) हो सकती है.
खास बात: जब कोई बुरा ग्रह (क्रूर ग्रह) किसी दूसरे ग्रह के साथ मिल रहा हो, तो बुरे ग्रह का उपाय करें. जैसे, अगर बृहस्पति और राहु एक साथ हों, तो राहु का उपाय करें. जब भी ऊपर बताई गई बीमारी आपको परेशान करे, तो उस ग्रह से जुड़ा उपाय करने से बीमारी से छुटकारा मिल सकता है.
उपाय करते समय यह देखें कि अगर किसी ग्रह के दोनों हिस्से (अंश) उस खास घर (भाव) में बुरे (नीच) प्रभाव में हैं, तो उस पूरे ग्रह को वहां से हटाकर वहां पहुंचा दें जहां वह अच्छा असर देता है. अगर केवल एक हिस्सा खराब कर रहा है, तो केवल उसी हिस्से को हटाएं.
अगर बुध 8वें घर (भाव) में है और बुध के दोनों हिस्से (बृहस्पति और राहु) बुरा (नीच) असर दे रहे हैं, तो बुध का उपाय नाक छेदन (नाक छिदवाना) है. इसमें 100 दिनों तक चांदी डाल कर रखना ज़रूरी है. लेकिन अगर बुध 9वें घर में है, तो बुध के दोनों हिस्सों में से यहां बृहस्पति ठीक है क्योंकि वह उसका अपना घर है, लेकिन राहु बुरा (नीच) है. इसलिए, अब यहां से राहु के हिस्से को हटाएं. इसका मतलब है कि राहु का सिक्का चार किलो पानी में बहाएं या कुएं में गिराएं.
घर (भाव) के हिसाब से, अगर सूर्य जैसे ग्रह चौथे घर (भाव) में हैं, तो उन्हें कुएं में गिराएं. अगर ये ग्रह छठे घर (भाव) में हों, तो उन्हें तेज़ बहते पानी में बहाएं. अगर कुंडली में सूर्य और शुक्र दोनों एक साथ हों, तो उनसे बुध को मिला दें क्योंकि बुध दोनों का दोस्त ग्रह है.