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विवाह · 181

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शुक्र-मंगल सातवें भाव में: वंश वृद्धि और धन लाभ

सातवें भाव में शुक्र और मंगल की युति से वंश वृद्धि होती है और धन लाभ मिलता है। हालांकि, यह युति कुछ संघर्ष और स्वास्थ्य समस्याएं भी दे सकती है।

शुक्र बारहवें भाव में: पत्नी, परिवार और गुप्त ज्ञान

शुक्र के बारहवें भाव में होने से पत्नी का स्वभाव, पारिवारिक जीवन और गुप्त ज्ञान में रुचि पर क्या असर पड़ता है, जानें।

मंगल बारहवें भाव में: संघर्ष में जीत और परिवार का मुखिया

मंगल के बारहवें भाव में होने से आप परिवार के मुखिया बन सकते हैं और संघर्षों में जीत हासिल कर सकते हैं, लेकिन बड़े भाई को खतरा और वैवाहिक जीवन में बाधाएं आ सकती हैं।

शुक्र ग्यारहवें भाव में: धन, कला और वैवाहिक प्रगति

ग्यारहवें भाव में शुक्र आपको सही-गलत का ज्ञान देता है, धन की कमी नहीं होने देता और कला के क्षेत्र में सफलता दिलाता है। शादी के बाद आपकी तरक्की होगी।

शुक्र दसवें भाव में: संपत्ति, व्यापार और संतान चिंता

शुक्र का दसवें भाव में होना आपको संपत्ति, व्यापार में लाभ और न्यायप्रिय बनाता है, लेकिन संतान और स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं दे सकता है।

बुध नौवें भाव में: धार्मिकता और यात्रा से लाभ

नौवें भाव में बुध आपको धार्मिक बनाता है और यात्राओं से लाभ दिलाता है। हालांकि, यह बोलने में दोष और रिश्तों में समस्या भी दे सकता है।

सूर्य आठवें भाव में: धन, लंबी आयु और वैवाहिक जीवन

आठवें भाव में सूर्य आपको ससुराल से धन और समाज में मान-सम्मान दिला सकता है। यह लंबी आयु और सुखी जीवन का संकेत भी है, लेकिन वैवाहिक जीवन में चुनौतियां आ सकती हैं।

राहु आठवें भाव में: भाग्य में उतार-चढ़ाव और ससुराल से लाभ

आठवें भाव में राहु भाग्य में बदलाव ला सकता है, लेकिन 28-42 वर्ष की आयु में भाग्य चमक सकता है। ससुराल पक्ष से लाभ और 34 से पहले विवाह संभव है।

बुध आठवें भाव में: धन, शिक्षा और वैवाहिक जीवन

बुध का आठवें भाव में होना आपको 34 साल के बाद सुख और शांति दे सकता है। आप धनी, शिक्षित और सरकारी अधिकारियों द्वारा सम्मानित हो सकते हैं।

केतु आठवें भाव में: विवाह, संतान और स्वास्थ्य

लाल किताब के अनुसार, आठवें भाव में केतु के अच्छे और बुरे प्रभावों को जानें, साथ ही विवाह, संतान और स्वास्थ्य पर इसके असर और उपाय भी समझें।

सूर्य सातवें भाव में: वैवाहिक जीवन और स्वास्थ्य पर प्रभाव

सूर्य के सातवें भाव में होने से वैवाहिक जीवन, स्वास्थ्य और भाग्य पर क्या असर होता है? जानिए इसके शुभ-अशुभ फल और आसान उपाय।

शनि सातवें भाव में: धन, स्वास्थ्य और उपाय

शनि के सातवें भाव में होने से व्यक्ति 36-39 साल की उम्र में बहुत अमीर हो सकता है, लेकिन खराब व्यवहार से संपत्ति खो सकता है। जानें अच्छे-बुरे प्रभाव और उपाय।

राहु सातवें भाव में: धन, संपत्ति और पारिवारिक चिंताएं

राहु के सातवें भाव में होने से आपको खूब धन और संपत्ति मिल सकती है, लेकिन परिवार और ससुराल वालों की चिंताएं भी बढ़ सकती हैं।

चंद्रमा सातवें भाव में: धन, शुभ पत्नी और विदेश यात्रा

जानें कैसे चंद्रमा का सातवें भाव में होना आपको धन, एक अच्छी पत्नी और विदेश यात्रा के अवसर दे सकता है। अशुभ प्रभावों और उनके सरल उपायों के बारे में भी पढ़ें।

बुध सातवें भाव में: व्यापार, विवाह और परिवार

बुध के सातवें भाव में होने से व्यापार में लाभ, विदेश में विवाह, और परिवार की तरक्की हो सकती है। हालांकि, कुछ मामलों में वैवाहिक जीवन में चुनौतियां भी आ सकती हैं।

मंगल सातवें भाव में: परिवार, धन और वैवाहिक जीवन

मंगल का सातवें भाव में होना आपको परिवार का पालन-पोषण करने वाला, धनी और न्यायप्रिय बनाता है। हालांकि, यह वैवाहिक जीवन में चुनौतियां और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी दे सकता है।