कुंडली से खोजें

संतानहीनता · 10

ग्रह और भाव चुनकर खोजें →

राहु पांचवें भाव में: व्यापार में लाभ और संतान संबंधी चिंताएं

पांचवें भाव में राहु व्यापार में सफलता और धन लाभ देता है, लेकिन संतान और विवाह में देरी या स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं पैदा कर सकता है।

बृहस्पति-केतु बारहवें भाव में: सामान्य प्रगति और बच्चों की चिंता

बृहस्पति और केतु के बारहवें भाव में होने से जीवन में सामान्य प्रगति और बच्चों से जुड़ी चिंताएं हो सकती हैं।

शनि-राहु नौवें भाव में: धन, प्रसिद्धि और संतान संबंधी चुनौतियाँ

शनि और राहु की नौवें भाव में युति आपको धन और प्रसिद्धि दिला सकती है, लेकिन संतान संबंधी और पारिवारिक चुनौतियाँ भी पैदा कर सकती है।

बृहस्पति-शनि-केतु की युति: संतान और व्यापार पर प्रभाव

बृहस्पति, शनि और केतु की युति बच्चों के लिए चुनौतियां ला सकती है और केतु से संबंधित रिश्तों व व्यापार को प्रभावित कर सकती है।