बृहस्पति-शुक्र-सूर्य-मंगल की युति: मूक-बहरापन योग और उपाय
मूक-गूंगा-बहरापन योग (कुंडली में ऐसा योग जिससे बोलने-सुनने में दिक्कत हो सकती है)
जब 5वें भाव का स्वामी ग्रह बृहस्पति (गुरु) के साथ 6ठे, 8वें या 12वें भाव में होता है, तो आप देर से बोल सकते हैं या गूंगे भी रह सकते हैं। अगर शुक्र ग्रह 6ठे, 8वें या 12वें भाव में हो, बृहस्पति सिंह राशि में हो, और सूर्य और मंगल 10वें भाव में हों, तब भी आप गूंगे और बहरे हो सकते हैं।
विशेष सलाह
- अगर आपका राहु नीच (कमजोर) है, तो केतु का उपाय (इलाज) करना चाहिए।
- जब केतु नीच हो, तो उसका उपाय 10वें भाव के ग्रहों से जुड़ी चीजों की मदद से हो सकता है।
- बुरे ग्रहों का उपाय उन ग्रहों से जुड़े जीवित प्राणियों (जानवरों) को उन ग्रहों की वस्तु (चीजें) खिलाने से होता है।
- शनि के नीच होने पर कौवों को रोटी डालनी चाहिए।
- केतु के उपाय के लिए कुत्तों को रोटी डालें (यह बच्चों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है)।
- मंगल बद (अशुभ) होने पर हिरण की खाल (मृग छाला) का उपयोग करें। अपनी नाभि पर केसर लगाएं, कौवे को गुड़ या चना खिलाएं, जौ को दूध से धोकर पानी में बहा दें, या लाल कपड़े में बांधकर अपने पास रखें।
- राहु का उपाय हाथी को मूली खिलाकर करें।