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चंद्रमा · 152

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बृहस्पति-चंद्रमा ग्यारहवें भाव में: रिश्तेदार और उपाय

जानें ग्यारहवें भाव में बृहस्पति और चंद्रमा का प्रभाव आपके रिश्तेदारों पर और इससे जुड़ी समस्याओं के उपाय।

सूर्य-चंद्रमा दसवें भाव में: व्यापार में बदलाव और सामाजिक प्रतिष्ठा

सूर्य और चंद्रमा का दसवें भाव में होना व्यापार में बार-बार बदलाव, सामाजिक कार्यों में रुचि और प्रसिद्धि दिला सकता है। यह स्थिति पिता के लिए शुभ हो सकती है।

चंद्रमा-शुक्र दसवें भाव में: विवाह के बाद लाभ और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं

विवाह के बाद 12 साल तक लगातार मुनाफा और धार्मिक प्रवृत्ति हो सकती है, लेकिन माँ और बच्चों के लिए चिंताएं और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी संभव हैं।

चंद्रमा-शनि दसवें भाव में: करियर में बदलाव और सामाजिक प्रतिष्ठा

चंद्रमा और शनि के दसवें भाव में होने से करियर में कई बदलाव आ सकते हैं और आप सामाजिक सेवा से मान-सम्मान पा सकते हैं।

चंद्रमा-राहु दसवें भाव में: धन, सम्मान और स्वास्थ्य

दसवें भाव में चंद्रमा और राहु की युति आपको धनवान, सम्मानित और लंबी उम्र वाला बना सकती है, लेकिन कुछ स्वास्थ्य और आर्थिक चुनौतियाँ भी दे सकती है।

चंद्रमा-बुध दसवें भाव में: शिक्षा, यात्रा और सम्मान

चंद्रमा और बुध का दसवें भाव में होना आपको शिक्षा, यात्रा और सरकारी क्षेत्र में सम्मान दिला सकता है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

चंद्रमा-केतु दसवें भाव में: परिवार का कल्याण और पेशेवर बदलाव

चंद्रमा और केतु की दसवें भाव में युति परिवार के लिए कल्याणकारी होती है, पेशेवर बदलाव लाती है और सामाजिक सेवा की ओर झुकाव देती है।

बृहस्पति-चंद्रमा दसवें भाव में: स्वार्थी स्वभाव और स्वास्थ्य समस्याएँ

बृहस्पति और चंद्रमा के दसवें भाव में होने से व्यक्ति स्वार्थी हो सकता है, पिता से विरोध कर सकता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर सकता है।

चंद्रमा-शुक्र नौवें भाव में: पैतृक संपत्ति, प्रेम विवाह और धार्मिक यात्रा

नौवें भाव में चंद्रमा और शुक्र की युति से पैतृक संपत्ति, प्रेम विवाह और धार्मिक यात्राओं का योग बनता है। हालांकि, संतान संबंधी चिंताएं और कुछ मामलों में दुर्भाग्य भी संभव है।

चंद्रमा-शनि नौवें भाव में: धन, सुख और शांति पर प्रभाव

नौवें भाव में चंद्रमा और शनि की युति धन और सुख दे सकती है, लेकिन शांति और त्वचा संबंधी समस्याओं का कारण भी बन सकती है।

चंद्रमा-बुध नौवें भाव में: धन, यात्रा और धार्मिकता

नौवें भाव में चंद्रमा और बुध की युति आपको धनवान बना सकती है और धार्मिक यात्राओं का अवसर दे सकती है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

चंद्रमा-केतु नौवें भाव में: अच्छी तरक्की और विदेश यात्रा

नौवें भाव में चंद्रमा और केतु की युति करियर में अच्छी तरक्की देती है. आप विदेश यात्राएं कर सकते हैं और सामाजिक-धार्मिक कार्यों में रुचि रखते हैं.

बृहस्पति-चंद्रमा नौवें भाव में: धन, शांति और धार्मिक यात्राएँ

बृहस्पति और चंद्रमा नौवें भाव में धन की वापसी, आंतरिक शांति और धार्मिक यात्राओं के अच्छे परिणाम देते हैं।

सूर्य-चंद्रमा आठवें भाव में: लंबी उम्र और ससुराल से लाभ

सूर्य और चंद्रमा के आठवें भाव में होने से व्यक्ति को लंबी उम्र मिलती है और ससुराल पक्ष से लाभ होता है, लेकिन सरकारी कामों और विरासत में नुकसान हो सकता है।

चंद्रमा-शुक्र आठवें भाव में: सेहत, धन और चरित्र पर असर

आठवें भाव में चंद्रमा और शुक्र की युति सेहत, धन और चरित्र पर नकारात्मक असर डाल सकती है। उपायों से इन समस्याओं को कम किया जा सकता है।

चंद्रमा-शनि आठवें भाव में: लंबी उम्र और अचानक धन लाभ

आठवें भाव में चंद्रमा और शनि की युति व्यापार और नौकरी दोनों में लाभ दे सकती है। यह आपको लंबी उम्र और पैतृक संपत्ति दिला सकती है।