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बृहस्पति-चंद्रमा ग्यारहवें भाव में: रिश्तेदार और उपाय

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अच्छाई के रास्ते:

  • आप अपने आस-पास के लोगों का बहुत साथ देंगे (सहयोगी होंगे).
  • आपकी किस्मत के ग्रह तीसरे भाव (घर) के ग्रहों से जुड़े होंगे.
  • अगर तीसरा भाव खाली है, तो बृहस्पति और चंद्रमा शांत (निष्क्रिय) रहेंगे.

बुराई के रास्ते:

  • दो ग्रह कोई अच्छे नतीजे नहीं देते.
  • बृहस्पति का असर 16 साल की उम्र में और चंद्रमा का असर 12 से 24 साल की उम्र में दिख सकता है.
  • लेकिन तीसरे भाव से जुड़े आपके रिश्तेदार आपके माता-पिता से ज़्यादा अच्छे और खुश रह सकते हैं.

उपाय (परेशानियों को कम करना):

  • बुध को मज़बूत (उच्च) करने के उपाय करें.
  • छोटी लड़कियों को खाना खिलाकर और उनकी सेवा करके उनका आशीर्वाद लें; देवी माँ की पूजा भी करें.
  • तीन ग्रहों को मज़बूत (उच्च) करने के लिए उपाय करने चाहिए, जो इस तरह हैं:
  • बुध को शांत (प्रसन्न) करें, बेटी, बहन, बुआ और भाभी की सेवा करके.
  • शुक्र: गाय, स्त्री (महिला), लक्ष्मी.
  • राहु: नानी और नाना; साथ ही बहन का बेटा और बेटी.
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