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मानसिक शांति · 43

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सूर्य-चंद्रमा-शुक्र-बुध की युति: बीमारियाँ और उपाय

लगातार बीमारियाँ परेशान कर रही हैं? जानें सूर्य, चंद्रमा, शुक्र और बुध की युति से होने वाली बीमारियों और उनके लाल किताब उपाय।

राहु बारहवें भाव में: नींद, धन और गुप्त ज्ञान

बारहवें भाव में राहु आपको अच्छी नींद, धन और गुप्त ज्ञान दे सकता है, लेकिन मानसिक परेशानी और कानूनी मुद्दों से सावधान रहें.

चंद्रमा नौवें भाव में: ईमानदारी, संपत्ति और यात्रा

चंद्रमा नौवें भाव में व्यक्ति को ईमानदार, सम्मानित और संपत्तिवान बनाता है। ऐसे लोग धार्मिक यात्राएं कर सकते हैं और समाज सेवा में रुचि रखते हैं।

चंद्रमा छठे भाव में: स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन

छठे भाव में चंद्रमा के शुभ-अशुभ प्रभाव जानें। यह स्थिति स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और रिश्तों को कैसे प्रभावित करती है, और इसके उपाय क्या हैं।

चंद्रमा पहले भाव में: ज्ञान, माता और संतान

पहले भाव में चंद्रमा वाले जातक बुद्धिमान होते हैं और अपनी माता के प्रति समर्पित रहते हैं। उन्हें संतान संबंधी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

सूर्य-केतु बारहवें भाव में: तरक्की, विदेश यात्रा और स्वास्थ्य

बारहवें भाव में सूर्य और केतु की युति से तरक्की, विदेश यात्रा और संपत्ति के योग बनते हैं, लेकिन आँखों की समस्या और मानसिक परेशानी भी हो सकती है।

चंद्रमा-बुध बारहवें भाव में: चिंता, धन और संतान का कष्ट

बारहवें भाव में चंद्रमा और बुध का योग शनि को प्रतिकूल बनाता है, जिससे चिंता, धन की हानि और संतान संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।

चंद्रमा-मंगल बारहवें भाव में: संतोषजनक जीवन और संभावित चुनौतियाँ

बारहवें भाव में चंद्रमा और मंगल का मेल एक संतोषजनक जीवन दे सकता है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं, खासकर 28 साल की उम्र के बाद।

मंगल-राहु बारहवें भाव में: धन, सुख और शत्रुओं पर विजय

मंगल और राहु के बारहवें भाव में होने पर व्यक्ति धनी, सुखी और शत्रुओं पर विजय पाने वाला होता है। हालांकि, मानसिक तनाव और पारिवारिक बोझ भी संभव है।

बृहस्पति-राहु बारहवें भाव में: बुद्धि, धन और मुकदमेबाजी

बारहवें भाव में बृहस्पति और राहु की युति आपको बुद्धिमान बनाती है लेकिन मानसिक समस्याएं और कानूनी दिक्कतें दे सकती है।

बृहस्पति-बुध बारहवें भाव में: भाग्य, व्यापार और स्वास्थ्य

बारहवें भाव में बृहस्पति और बुध का संयोजन व्यक्ति को भाग्यशाली बनाता है, लेकिन व्यापार में चुनौतियां और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दे सकता है।

चंद्रमा-शनि नौवें भाव में: धन, सुख और शांति पर प्रभाव

नौवें भाव में चंद्रमा और शनि की युति धन और सुख दे सकती है, लेकिन शांति और त्वचा संबंधी समस्याओं का कारण भी बन सकती है।

चंद्रमा-केतु आठवें भाव में: विरासत, वैवाहिक सुख और स्वास्थ्य

यह युति माता-पिता की सेवा, पैतृक संपत्ति, और वैवाहिक जीवन पर असर डालती है। कुछ मामलों में दो शादियां और बच्चों से संबंधित मुद्दे भी हो सकते हैं।

मंगल-राहु आठवें भाव में: भाग्य में उतार-चढ़ाव और ससुराल से लाभ

मंगल और राहु के आठवें भाव में होने से भाग्य में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, लेकिन ससुराल पक्ष से लाभ मिल सकता है और व्यक्ति मेहनती होता है।

चंद्रमा-शुक्र छठे भाव में: संतान, स्वास्थ्य और शत्रु पर प्रभाव

छठे भाव में चंद्रमा और शुक्र की युति संतान, स्वास्थ्य और शत्रुओं पर शुभ-अशुभ प्रभाव डाल सकती है। जानें इसके परिणाम।