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सूर्य-केतु बारहवें भाव में: तरक्की, विदेश यात्रा और स्वास्थ्य

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अच्छे और बुरे फल इन दोनों ग्रहों के मिले-जुले असर से होते हैं:

  • अच्छी तरक्की होगी, नौकरी में कम बदलाव होंगे; विदेश यात्राओं से फायदा मिल सकता है।
  • आपको संपत्ति (प्रॉपर्टी) और साधनों में आसानी मिल सकती है; आपका पारिवारिक जीवन खुशहाल होगा; बच्चों के जन्म के बाद या 24 साल की उम्र के बाद आपको अच्छी राहत मिल सकती है; आप दुश्मनों पर जीत हासिल कर सकते हैं; आपके पास बहुत सारी विलासिता (लग्जरी) हो सकती है; आपके पैरों पर शहद के रंग का तिल हो सकता है।
  • आपको ज्योतिष, तांत्रिक विद्या और हस्तशिल्प (क्राफ्ट) जैसी गुप्त (रहस्यमयी) चीज़ें पसंद हो सकती हैं; आपको हस्तशिल्प और दवा से जुड़े ज्ञान से फायदा हो सकता है।
  • आपके पिता के लिए शुभ (अच्छा) हो सकता है; विदेश में रहना और वहां व्यापार करना आपको फायदा दे सकता है।

बुरे फल:

  • विदेशी संबंधों से नुकसान हो सकता है; आपको आँखों की बीमारी हो सकती है; दुश्मन आपको परेशान कर सकते हैं।
  • आप दूसरों की रखी हुई चीज़ें सुरक्षित वापस नहीं कर सकते हैं; आपके निचले दर्जे (कम हैसियत) की महिलाओं या विधवाओं के साथ अवैध (गलत) संबंध हो सकते हैं।
  • आप पैतृक (पुरखों की) संपत्ति को बर्बाद कर सकते हैं; दुश्मन आपको परेशान कर सकते हैं; आपको मानसिक समस्याएं या मिर्गी हो सकती है; आपकी आर्थिक स्थिति (पैसे) मुश्किल हो सकती है।
  • आपको समाज, रिश्तेदारों और साथियों से अपमान मिल सकता है; कुत्ते के काटने का खतरा हो सकता है, आप बेकार घूमने वाले या ठग-धोखेबाज हो सकते हैं।
  • आपको बच्चों की चिंता हो सकती है या बच्चे नहीं हो सकते हैं; आपके मूल्य (आदर्श) और व्यवहार बुरे हो सकते हैं।
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