बृहस्पति-राहु बारहवें भाव में: बुद्धि, धन और मुकदमेबाजी
अच्छाई:
- गुरु (बृहस्पति) और राहु के बीच कोई दुश्मनी नहीं होगी. आप काफी समझदार होंगे. हस्तकला (हाथ से बनी चीज़ें) के कामों में फायदा होगा, मतलब नुकसान नहीं होगा.
- पैसे की ज़रूरतें पूरी होंगी और कोई तरक्की नहीं होगी. आप हवाई बातें सोचेंगे - एक बात सोचेंगे और कुछ और होगा. आपको मानसिक दिक्कतें हो सकती हैं.
- आप पर गबन (पैसे की हेराफेरी) का आरोप लग सकता है. दीवानी (सिविल) और फौजदारी (आपराधिक) मुकदमे हो सकते हैं.
- आपमें आत्महत्या की प्रवृत्ति (सोच) हो सकती है. शरीर का कोई अंग सुन्न होकर खराब हो सकता है.
ध्यान दें: शरीर के किसी भी बेकार अंग को खराब न होने दें. किसी विशेषज्ञ (एक्सपर्ट) की सलाह से योग करें.
गुरु-राहु को मजबूत करने के उपाय: जौ को दूध से धोकर सुरक्षित रखें. उसके बाद, इन्हें 43 दिनों तक नदी के पानी में बहा दें. इससे अच्छे नतीजे मिलेंगे.