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चंद्रमा-बुध बारहवें भाव में: चिंता, धन और संतान का कष्ट

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यह योग शनि को प्रतिकूल (खराब) बनाता है, चाहे वह कितनी भी अच्छी स्थिति में क्यों न हो. इसलिए, इसका उपाय (इलाज) जल्दी करना चाहिए.

इसकी बुराइयाँ ग्रहों के मेल से आती हैं और इस प्रकार हैं:

  • 25 साल की उम्र में शादी शुभ (अच्छी) नहीं होती. आप अपनी बात पर नहीं टिकते, मुकर जाते हैं.
  • मन में चिंता और निराशा रहती है. आप नशीले पदार्थों (चीजों) का सेवन कर सकते हैं. इस वजह से आपको धन और संतान (बच्चों) की चिंता हो सकती है. आप भरोसेमंद नहीं होते. आप हर समय निराशावादी (नकारात्मक) बातें करते हैं. लॉटरी या सट्टे में नुकसान हो सकता है.
  • परिवार में अचानक मृत्यु हो सकती है. आप पुरानी बातों को याद करके बहुत रोते और पछताते हैं.
  • आप सनकी (पागलपन) हो सकते हैं. पैतृक (पुरखों की) संपत्ति बर्बाद कर सकते हैं. आप खुद को बहुत नुकसान पहुंचा सकते हैं. आपका अपमान हो सकता है. आप ससुराल पक्ष को भी डुबो सकते हैं.
  • आपका नैतिक (सही-गलत का) आचरण (व्यवहार) खराब हो सकता है. आप पर और आपकी माँ पर 2 साल का बुरा समय आ सकता है. आप अपने माता-पिता को याद करते हैं.
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