शुक्र-राहु पांचवें भाव में: मिले-जुले प्रभाव और उपाय
यहां भी, इन दोनों के अच्छे और बुरे का मिश्रण जातक पर इस तरह लागू होता है:
यहां भी, इन दोनों के अच्छे और बुरे का मिश्रण जातक पर इस तरह लागू होता है:
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कुंडली में बृहस्पति, शुक्र, सूर्य और मंगल की कुछ खास स्थितियों से बोलने-सुनने में दिक्कत हो सकती है। जानें इसके उपाय।
बृहस्पति, शुक्र और राहु की युति से भाग्यहीनता, स्वास्थ्य समस्याएं और संतान से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।
नवम भाव में शुक्र और राहु का संयोग पैतृक संपत्ति में वृद्धि, प्रेम विवाह और धार्मिक यात्राएं देता है, लेकिन बच्चों की चिंताएं और दुर्भाग्य भी ला सकता है।
सूर्य, चंद्रमा और राहु की युति धन हानि और संतान संबंधी चिंताएं दे सकती है, हालांकि कुछ मामलों में सूर्य अच्छे परिणाम भी देता है।
शुक्र और राहु की युति दूसरे भाव में आपके धन, परिवार और संबंधों को कैसे प्रभावित करती है। इस युति के शुभ और अशुभ प्रभाव जानें।
चौथे भाव में बृहस्पति और शुक्र की युति आपको उच्च शिक्षा, धन और माता-पिता के लिए शुभ परिणाम दे सकती है, लेकिन अनैतिक संबंधों से बचें.
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