कुंडली से खोजें

उपाय · 230

ग्रह और भाव चुनकर खोजें →

ग्रहों के प्रभाव को मनचाहे घरों में पहुंचाने का तरीका

लाल किताब के अनुसार, किसी भी ग्रह के प्रभाव को अपनी पसंद के घर में पहुंचाने के लिए उससे संबंधित चीज़ों को खास जगहों पर रखें।

वर्षफल में ग्रहों का असर: किस महीने में दिखेगा प्रभाव?

जानिए लाल किताब वर्षफल के अनुसार ग्रहों का असर किस महीने में होता है और कैसे आप उसके शुभ-अशुभ प्रभावों को समझ सकते हैं।

बृहस्पति-शुक्र-सूर्य-मंगल की युति: मूक-बहरापन योग और उपाय

कुंडली में बृहस्पति, शुक्र, सूर्य और मंगल की कुछ खास स्थितियों से बोलने-सुनने में दिक्कत हो सकती है। जानें इसके उपाय।

सूर्य-बुध की युति: नीच मंगल के प्रभावों को बदलें

जब मंगल और सूर्य दोनों नीच के हों, तो सूर्य और बुध की युति मंगल के नकारात्मक प्रभावों को सकारात्मक में बदल सकती है, बशर्ते शुक्र अच्छी स्थिति में हो।

दो ग्रहों के मिलने से होने वाले रोग: स्वास्थ्य समस्याएं और उपाय

लाल किताब के अनुसार, दो ग्रहों की युति से होने वाले विभिन्न रोगों और उनके ज्योतिषीय उपायों के बारे में जानें।

सूर्य-चंद्रमा-शुक्र-बुध की युति: बीमारियाँ और उपाय

लगातार बीमारियाँ परेशान कर रही हैं? जानें सूर्य, चंद्रमा, शुक्र और बुध की युति से होने वाली बीमारियों और उनके लाल किताब उपाय।

शुक्र बारहवें भाव में: पत्नी, परिवार और गुप्त ज्ञान

शुक्र के बारहवें भाव में होने से पत्नी का स्वभाव, पारिवारिक जीवन और गुप्त ज्ञान में रुचि पर क्या असर पड़ता है, जानें।

शनि बारहवें भाव में: धन, शांति और कानूनी चुनौतियाँ

बारहवें भाव में शनि धन, शांति और बड़ा परिवार दे सकता है, लेकिन कानूनी समस्याएँ और बच्चों से जुड़ी परेशानियाँ भी हो सकती हैं।

राहु बारहवें भाव में: नींद, धन और गुप्त ज्ञान

बारहवें भाव में राहु आपको अच्छी नींद, धन और गुप्त ज्ञान दे सकता है, लेकिन मानसिक परेशानी और कानूनी मुद्दों से सावधान रहें.

चंद्रमा बारहवें भाव में: विदेश से लाभ और रहस्यमय ज्ञान

चंद्रमा के बारहवें भाव में होने से आपको विदेश से लाभ मिल सकता है और रहस्यमयी विद्याओं में रुचि हो सकती है।

बुध बारहवें भाव में: धन, संपत्ति और ज्योतिष में रुचि

बुध के बारहवें भाव में होने से आपको धन और संपत्ति का लाभ हो सकता है. आप तंत्र विद्या और ज्योतिष में रुचि ले सकते हैं.

मंगल बारहवें भाव में: संघर्ष में जीत और परिवार का मुखिया

मंगल के बारहवें भाव में होने से आप परिवार के मुखिया बन सकते हैं और संघर्षों में जीत हासिल कर सकते हैं, लेकिन बड़े भाई को खतरा और वैवाहिक जीवन में बाधाएं आ सकती हैं।

बृहस्पति बारहवें भाव में: संतान सुख और आध्यात्मिक उन्नति

बारहवें भाव में बृहस्पति आपको संतान सुख और धार्मिक झुकाव देगा, लेकिन गलत कर्मों से बचें। जानें इसके शुभ-अशुभ फल और उपाय।

शुक्र ग्यारहवें भाव में: धन, कला और वैवाहिक प्रगति

ग्यारहवें भाव में शुक्र आपको सही-गलत का ज्ञान देता है, धन की कमी नहीं होने देता और कला के क्षेत्र में सफलता दिलाता है। शादी के बाद आपकी तरक्की होगी।