कुंडली से खोजें

शनि सभी भावों में: अपना मकान कब बनेगा?

4 मिनट Read in English

अपना मकान कब बनेगा?

मकान शनि की चीज़ है. वही मकान बनवाता है और गिरवाता है. जब शनि उच्च (ऊंचा) का होगा तो बहुत मकान बनेंगे और जब नीच (कमजोर) का या किसी और ग्रह के योग (मेल) से नीच हो रहा हो तो मकान गिरते हैं, भूकंप आते हैं.

शनि पहले भाव में:
- अगर आप मकान बनाएं तो निर्धन (सब कुछ बर्बाद) हो सकते हैं. लेकिन अगर शनि शुभ (अच्छा) हो (यानी सातवां और दसवां भाव खाली हों) तो ठीक हो सकता है.

शनि दूसरे भाव में:
- मकान जब और जैसा बने, उसे बन जाने दें. वह अच्छा ही होगा.

शनि तीसरे भाव में:
- अगर आप घर में तीन कुत्ते पालें तो मकान बन सकता है, नहीं तो गरीबी का कुत्ता भौंकता रहेगा.

शनि चौथे भाव में:
- आपके बनाए मकान आपके ननिहाल (नाना-नानी के घर) या ससुराल के लिए अच्छे नहीं होते. मकान की नींव खोदते ही, ननिहाल में या ससुराल में, गड़बड़ शुरू हो सकती है. दोनों बर्बादी की ओर चल सकते हैं. इसलिए शनि चौथे भाव में हो तो आपको अपना मकान नहीं बनवाना चाहिए.

शनि पांचवें भाव में:
- आपके बनाए मकान आपकी संतान की बलि ले सकते हैं (संतान को नुकसान पहुंचा सकते हैं). लेकिन संतान के बनाए मकान आपके लिए शुभ (अच्छे) होंगे. अगर मकान बनाना ही पड़ जाए तो 48 साल की उम्र के बाद बनवाएं और भैंसा घर में लाकर उसकी पूजा करके, खिला-पिला कर दान करवा कर छोड़ें, फिर बनाएं.

शनि छठे भाव में:
- शनि की अवधि (समय) 36, बल्कि 39 साल की उम्र के बाद ही मकान बनाना ठीक होगा. अगर आप पहले बना लें तो अपनी लड़की के रिश्तेदारों को बर्बाद कर सकते हैं.

शनि सातवें भाव में:
- आपको बने-बनाए मकान ज़्यादा मिल सकते हैं जो शुभ (अच्छे) होंगे. पुराने मकान की दहलीज (चौखट) संभालकर रखें तो, फिर उतने ही मकान बन सकते हैं.

शनि आठवें भाव में:
- जैसे ही आप मकान बनाना शुरू करेंगे, मृत्यु आपके सिर पर मंडराने लग सकती है. यहां शनि का असर, राहु और केतु की स्थिति (जगह) के अनुसार हो सकता है.

शनि नौवें भाव में:
- अगर आपकी पत्नी या माता के गर्भ में बच्चा हो और आप मकान बनाना शुरू कर दें (अपनी कमाई से) तो पिता पर बुरा असर पड़ सकता है. जब आपके तीन मकान बन जाएं तो पिता की मृत्यु निश्चित (पक्की) हो सकती है.

शनि दसवें भाव में:
- जब तक मकान बना या खरीदा नहीं जाता तब तक धन खूब आता है. लेकिन बनने पर आप निर्धन (गरीब) हो सकते हैं, जब शनि किसी कारण मंदा (कमजोर) हो रहा हो नहीं तो अधूरा रह सकता है. अगर बनाना ही है तो 36 से 48 साल की उम्र में पूरा कर लें.

शनि ग्यारहवें भाव में:
- अक्सर 55 साल की उम्र के बाद ही मकान बन सकता है. ध्यान रहे अगर आप दक्षिण द्वार (दक्षिण दिशा वाले दरवाज़े) वाले मकान में रहेंगे तो बहुत लंबे समय तक बीमार रह कर गल-सड़ कर मरना पड़ सकता है. अगर पहले बनाना है तो 36 साल की उम्र से पहले बना लें.

शनि बारहवें भाव में:
- शनि सांप और सूर्य बंदर की तरह हैं, वे कभी अपना मकान या बिल नहीं बनाते. लेकिन अब वे मकान बनाना सीख लेंगे, मतलब अब मकान अपने आप, बिना आपकी इच्छा के बन सकते हैं, और आपके लिए शुभ (अच्छे) होंगे. चाहे शनि के साथ सूर्य भी क्यों न पड़ा हो. आपको चाहिए कि बनते मकान को रोकें मत, जैसा बन रहा है बनने दें. चौकोर मकान जिसका हर कोना 90 डिग्री का हो, वह बहुत अच्छा होता है.

क्या यह लेख काम आया?
इस लेख को रेटिंग दें

टिप्पणियाँ (0)

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली आप लिखिए।

मिलते-जुलते लेख

ग्रहों के प्रभाव को मनचाहे घरों में पहुंचाने का तरीका

लाल किताब के अनुसार, किसी भी ग्रह के प्रभाव को अपनी पसंद के घर में पहुंचाने के लिए उससे संबंधित चीज़ों को खास जगहों पर रखें।

लाल किताब के अनुसार: कुछ खास परिस्थितियों में मंदिर जाना और दान करना मना है

लाल किताब के अनुसार कुछ ग्रहों की स्थिति में मंदिर जाना या कुछ खास चीज़ों का दान करना आपके लिए बुरा हो सकता है। जानें कब बचें।

बृहस्पति विभिन्न भावों में: प्रेम, न्याय और आध्यात्मिकता

बृहस्पति का विभिन्न भावों में होना आपके प्रेम जीवन, न्यायप्रियता और आध्यात्मिक झुकाव को कैसे प्रभावित करता है, जानें।

अपनी कुंडली का लाल किताब विश्लेषण चाहिए?

नाम और WhatsApp नंबर दीजिए — हम आपसे संपर्क करेंगे।