ग्रहों को शांत करने के उपाय
ग्रहों को शांत करने का उपाय
जब कोई ग्रह अपने पक्के घर को छोड़कर किसी दूसरे ग्रह के पक्के घर में बैठ जाता है, तो जिस ग्रह के घर में वह बैठा है, उस ग्रह से जुड़े उपाय करने से उसका बुरा असर (प्रभाव) दूर हो जाता है। जैसे:
- अगर शनि नंबर 9 या 11 में बैठ जाए, तो राहु नंबर 9 या 11 में बैठ जाए, नंबर 9 और 11 बृहस्पति का पक्का घर है। यहाँ शनि का अच्छा प्रभाव पाने के लिए बृहस्पति की चीजों से सहायता ली जा सकती है।
- अगर बुध नंबर 3 में और राहु नंबर 4 में बैठ जाए, तो बुध नंबर 3 मंगल का पक्का घर है। उसकी चीजों से और नंबर 4 चंद्रमा का घर है, चंद्रमा की चीजों से सहायता ली जा सकती है।
जो ग्रह किसी घर में मंदा (कमजोर) हो रहा हो, उसके सामने वाले घर में उसके शत्रु (दुश्मन) ग्रह की चीजें रखने से भी कमजोर ग्रह का असर दूर किया जा सकता है। जैसे:
- अगर बुध 12वें घर में नीच (कमजोर) है, तो उसके सामने वाले घर नंबर 6 में बुध के शत्रु ग्रह मंगल और बृहस्पति की चीजें कुएं में गिराने से बुध शांत हो सकता है।
अलग-अलग ग्रहों के लिए ये उपाय करने चाहिए:
ग्रह - उपाय
- सूर्य - बहते पानी में गुड़ बहाएं।
- चंद्रमा - दूध या पानी रात को अपने सिरहाने (सिर के पास) रखकर सुबह कीकर के पेड़ में डालें।
- मंगल बद (अशुभ) - रेवड़ियां बहते पानी में बहाएं।
- मंगल नेक (शुभ) - पत्तीसा बहते पानी में बहाएं, मीठी तंदूरी रोटी कुत्ते को डालें।
- बुध - सुराख वाला तांबे का पैसा बहते पानी में बहाएं।
- बृहस्पति - केसर का तिलक लगाएं, खाएं और नाभि पर लगाएं।
- शुक्र - गाय का दान करें या गाय को ज्वार या चरी (एक तरह का चारा) खिलाएं।
- शनि - सरसों के तेल का छायापात्र (एक बर्तन जिसमें अपना चेहरा देखें और दान करें) करें।
- राहु - मूली दान करें या कच्चे कोयले पानी में बहाएं।
- केतु - कुत्तों को मीठी रोटियां (तंदूर की) डालें।
विशेष (खास बात): उपाय 43 दिन तक लगातार करना होगा। यदि किसी कारण से बंद करना पड़े, तो चावल दूध में धोकर अपने पास घर पर रखें। समय मिलने पर उपाय फिर से शुरू कर दें। पहले दिन को बीच में शामिल न करें, दोबारा 43 दिन तक करें।
जब ग्रह किसी दूसरे ग्रह के घर में बैठा हो, तो उसके मसनूई (बनावटी) भाग में से जो भाग उस घर में नीचा (कमजोर) या निकम्मा (बेकार) माना गया है, उस ग्रह की चीजों से उस ग्रह को वहाँ से हटा दें। जैसे:
- शनि के मसनूई ग्रह शुक्र + बृहस्पति हैं। यहाँ से बृहस्पति को हटा देना चाहिए।
- जब शुक्र मंदा (कमजोर) हो, तो राहु + केतु मसनूई शुक्र हैं। यहाँ राहु को हटा दें, केतु शेष (बाकी) रह जाएगा, परिणाम अच्छा हो सकता है।
- बुध और बृहस्पति दोनों को कायम (स्थिर) रखने के लिए सोने के गहने हरे कागज या कपड़े में रखें।
- बुध, शुक्र, शनि को कायम (स्थिर) रखने के लिए अपनी थाली में से गाय, कुत्ते और कौवे के लिए रोटी निकालकर बाद में आप खाएं। ऐसा करने से आपको स्त्री, पुत्र, धन की प्राप्ति हो सकती है और आप तंदुरुस्त (स्वस्थ) रह सकते हैं।
- मंगल बद (अशुभ) का असर दूर करने के लिए मीठी रोटी बनाकर बांटें या मीठी तंदूरी रोटियां बनाकर कुत्तों को डालें।
- राहु का नीच (बुरा) प्रभाव दूर करने के लिए जौ दूध में धोकर लाल कपड़े में बांधकर घर की अंधेरी कोठरी में भारी बोझ (वजन) के नीचे दबाकर रखें, या बहते पानी में बहाएं, गौमूत्र से गरारे (कुरलियां) करें।
- खोपे (सूखे नारियल) के गोले को ऊपर से काटकर उसमें देसी घी और देसी खांड (शक्कर) भरकर बाहर सुनसान (वीरान) जगह जहाँ काले कीड़े रहते हों, उसके पास जमीन खोदकर उस गोले को इस तरह से गाड़ दें कि उसका मुंह खुला रहे ताकि कीड़ों को खाने में कोई असुविधा (परेशानी) न हो। यह ग्रह शांति के लिए बड़ा महत्वपूर्ण (ज़रूरी) दान है। यह उपाय शाम को करना है, सुबह नहीं।